बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन: 2 लाख भक्तों ने दी आहुति

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बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन: 2 लाख भक्तों ने दी आहुति

बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन 2 लाख भक्तों ने दी आहुति

[caption id="attachment_140612" align="alignnone" width="1062"]बागेश्वर धाम बागेश्वर धाम[/caption] bageshwar dham: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम में गुरुवार को चतुर्थ श्री हनुमान चालीसा हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुड़े। धाम प्रशासन के अनुसार करीब 2 लाख भक्तों ने ऑनलाइन माध्यम से आहुति दी, जबकि 30 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम परिसर में उपस्थित होकर हवन में शामिल हुए.यह आयोजन हनुमान चालीसा हवन श्रृंखला का चौथा कार्यक्रम था। इससे पहले भी तीन हवन संपन्न हो चुके हैं। इस श्रृंखला की शुरुआत दिसंबर 2025 में की गई थी और 12 मार्च को चौथा हवन आयोजित हुआ।

bageshwar dham: हनुमान चालीसा की चौपाइयों पर आधारित विशेष अनुष्ठान

हवन का आयोजन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान के साथ किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने आहुति दी और परिवार की सुख-समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा के लिए प्रार्थना की.धाम परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। कई लोग दूर-दराज के क्षेत्रों से यहां पहुंचे। वहीं हजारों भक्तों ने ऑनलाइन माध्यम से घरों में ही हवन कर इस धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की।

bageshwar dham: घर-घर यज्ञ परंपरा को बढ़ावा देने की पहल

धाम से जुड़े संतों के अनुसार इस हवन श्रृंखला का उद्देश्य सनातन परंपरा में यज्ञ और हवन की संस्कृति को घर-घर तक पहुंचाना है। श्रद्धालुओं को इसके विधि-विधान से परिचित कराने के लिए ऑनलाइन माध्यम का भी उपयोग किया जा रहा है.धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन से लाखों लोग एक साथ जुड़ रहे हैं। इससे लोगों में घर पर हवन करने की परंपरा को अपनाने के लिए जागरूकता बढ़ रही है।

20 अप्रैल को होगा पांचवां हवन

बागेश्वर धाम में पांचवां हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.ऑनलाइन हवन में शामिल भक्तों ने अपने घरों में तिल, जौ, चावल, घी, धूप, दीपक, चंदन, लकड़ी, कपूर, नारियल, सुपारी, कलावा, रुई की बाती और पुष्प जैसी सामग्री के साथ विधि-विधान से हवन किया।  

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