छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई बयार

छत्तीसगढ़ में सुशासन के माध्यम से ग्रामीण विकास की नई दिशा

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सक्रिय नीतियों के कारण सुशासन और विकास की नई लहर देखी जा रही है।

छत्तीसगढ़ में सुशासन के माध्यम से ग्रामीण विकास की नई दिशा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में आज परिवर्तन की ताजी हवा बह रही है। यह बयार प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील और सक्रिय नेतृत्व की देन है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने “सुशासन” के नारों को ज़मीनी हकीकत बना दिया है।

कंदाड़ी से उठती उम्मीद की रोशनी

नक्सल प्रभाव के कारण प्रशासन की पहुंच से दूर रहने वाले कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड का एक सुदूर ग्राम पंचायत कंदाड़ी आज सुशासन की नई मिसाल बन चुका है। “सुशासन तिहार” और “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की मंशा धरातल पर उतर चुकी है।

कोटरी नदी पार कर अधिकारियों का कंदाड़ी गांव तक पहुंचना

कोटरी नदी पार कर अधिकारियों का कंदाड़ी गांव तक पहुंचना, आम के पेड़ के नीचे गाँव वालों का चौपाल लगाना और उनसे सीधे संवाद करना एक प्रशासनिक गतिविधि होने के साथ ही भरोसे और विश्वास का निर्माण भी है जो वर्षों से उपेक्षित ग्रामीणों के दिलों में सरकार के प्रति विश्वास जगा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की एक बड़ी सफलता

कंदाड़ी गांव की सोनकाय बाई कचलामी की कहानी सुशासन से हुए इस बदलाव की सबसे सशक्त तस्वीर पेश करती है। “महतारी वंदन योजना” में हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय जोड़ा है। महतारी वंदन योजना के बाद अब उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सोनकाय बाई का कहना कि “अब हमें लगता है कि सरकार सच में हमारे लिए काम कर रही है” सोनकाय बाई जैसी हितग्राही की संतुष्टि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की एक बड़ी सफलता है।

अबूझमाड़ तक भी जा पहुंचा सुशासन

देश के सबसे दुर्गम इलाकों में गिने जाने वाले नारायणपुर जिले का अबूझमाड़ क्षेत्र भी आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। “सुशासन तिहार” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने यहां अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

महिलाओं और ग्रामीणों का सशक्तिकरण

यह बात उल्लेखनीय है कि सरकार की योजनाओं का सबसे ज़्यादा प्रभाव महिलाओं पर दिखाई दे रहा है। उसके पीछे की वजह है जहां महतारी वंदन योजना उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है वहीं राशन कार्ड, पेंशन और स्वास्थ्य योजनाओं ने उनके जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का काम कर रहीं हैं। समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन खुद उनके पास आ रहा है। दरअसल सुविधाओं में होने वाले इस बदलाव की शुरुआत सरकार के सोच में होने वाली बदलाव से हुई है।

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