भोपाल में गिरोह भंडाफोड़

भोपाल में पुलिस ने फिरौती गिरोह का किया भंडाफोड़ , मुख्य आरोपी गिरफ्तार

भोपाल पुलिस ने SIT और STF के सहयोग से फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार।

भोपाल में पुलिस ने फिरौती गिरोह का किया भंडाफोड़ , मुख्य आरोपी गिरफ्तार

SIT–STF ने भोपाल में सक्रिय नेटवर्क का किया पर्दाफाश ,मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा गिरफ्तार

भोपाल में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों की प्रभावी रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पूर्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था। इसी के परिप्रेक्ष्य में SIT एवं STF द्वारा समन्वित रूप से यह कार्यवाही की गई है। भोपाल के थाना कोलार रोड क्षेत्र में व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती मांगने एवं फरियादी के घर की रेकी कर वीडियो बनाकर धमकाने वाले एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। विशेष जांच दल (SIT) एवं विशेष कार्य बल (STF), भोपाल की संयक्त एवं समन्वित कार्रवाई में गिरोह के तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सतत निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई

प्रकरण में आरोपी द्वारा फरियादी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती की मांग की गई तथा भय का वातावरण निर्मित करने हेतु उसके निवास की गुप्त रूप से रेकी कर वीडियो तैयार कर उसे भेजा गया। इस प्रकार की सुनियोजित आपराधिक गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं सतत निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई।

20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया

बता दें कि जांच के दौरान सामने आया है कि दिनांक 16 अप्रैल 2026 को रेकी कर वीडियो बनाने वाले आरोपी निर्मल तिवारी (निवासी जिला बांदा, उत्तरप्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। विस्तृत पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि उक्त आपराधिक कृत्य के लिए उसे गिरोह के मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा (निवासी जिला बांदा, उत्तरप्रदेश) द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की गई तथा पूरी योजना के संबंध में निर्देशित किया गया था। निर्मल तिवारी की गिरफ्तारी के उपरांत मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से नेपाल भागने की फिराक में था, जिसे एसआईटी एवं एसटीएफ की टीम द्वारा त्वरित एवं सटीक कार्रवाई करते हुए दिनांक 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया।

महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने की संभावना

प्रकरण में एक अन्य आरोपी जे.पी. डारा (निवासी जिला बीकानेर, राजस्थान) की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई, जो गिरोह के सदस्यों को समय-समय पर अपराध के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक संसाधन एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता था। उक्त आरोपी को भी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे गिरोह के अन्य नेटवर्क एवं गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होने की संभावना है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर, त्वरित एवं तकनीक-आधारित कार्रवाई निरंतर जारी है। आमजन की सुरक्षा एवं विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

संबंधित सामग्री

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: टूरिज्म पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- असीम संभावनाओं का केंद्र है MP

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026: टूरिज्म पर फोकस, सीएम डॉ. मोहन बोले- असीम संभावनाओं का केंद्र है MP

भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 का आयोजन, पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ भव्य आयोजन

प्रियंका सड़क पर लेटीं, राहुल समेत विपक्षी सांसद हिरासत में; थाने जाने से पहले पुलिस बस भी हुई पंक्चर

प्रियंका सड़क पर लेटीं, राहुल समेत विपक्षी सांसद हिरासत में; थाने जाने से पहले पुलिस बस भी हुई पंक्चर

दिल्ली में चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी, राहुल और प्रियंका गांधी हिरासत में लिए गए।

Rohtak Double Murder: लिव-इन पार्टनर के साथ युवक की हत्या, नहर से मिले दोनों के शव; दो गिरफ्तार

Rohtak Double Murder: लिव-इन पार्टनर के साथ युवक की हत्या, नहर से मिले दोनों के शव; दो गिरफ्तार

हरियाणा के रोहतक में एक युवक और उसकी लिव-इन पार्टनर की हत्या के बाद शव नहर से बरामद; पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।

भोपाल में नवविवाहिता मोना डांगी की संदिग्ध मौत, भाई ने दहेज प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताई

भोपाल में नवविवाहिता मोना डांगी की संदिग्ध मौत, भाई ने दहेज प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताई

मोना डांगी की संदिग्ध मौत पर उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है।

भोपाल में रिश्वतखोर पटवारी पर शिकंजा, 8 हजार की रिश्वत लेने के मामले में अभियोजन स्वीकृति

भोपाल में रिश्वतखोर पटवारी पर शिकंजा, 8 हजार की रिश्वत लेने के मामले में अभियोजन स्वीकृति

मध्यप्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का फैसला किया है, भोपाल के पटवारी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर