उत्तराखंड के चमोली जिले में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। गुरुवार शाम टनल में अचानक पानी और मलबा भरने से 22 मजदूर अंदर फंस गए थे। ताजा अपडेट के मुताबिक हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 मजदूरों की तलाश अभी जारी है।
टनल में भरा पानी
हादसे के बाद टनल में बड़ी मात्रा में पानी और मलबा भर गया, जिससे अंदर पहुंचकर रेस्क्यू करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। बचाव दल लगातार पानी निकालने और मलबा हटाने में जुटे हैं। शुरुआत में टनल में मौजूद 22 मजदूरों में से कई को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया और मृतकों के शव भी बरामद किए गए। शनिवार को एक और मजदूर का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 8 हो गई। दो मजदूर अब भी लापता हैं।
रेस्क्यू में जुटी टीमें
लापता मजदूरों की तलाश के लिए आपदा राहत और बचाव टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। पानी और गाद के कारण सुरंग के अंदर हालात मुश्किल बने हुए हैं। बचाव दल पहले पानी का स्तर कम करने और रास्ता साफ करने पर काम कर रहे हैं, ताकि लापता मजदूरों तक पहुंचा जा सके।
CM धामी ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली पहुंचकर हादसे की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने घायल श्रमिकों से अस्पताल में मुलाकात की और अधिकारियों को रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
हादसे की जांच की मांग
हादसे के बाद टनल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ श्रमिकों ने दावा किया है कि पहले भी टनल में मलबा गिरने और सुरक्षा संबंधी समस्याओं की शिकायत की गई थी। मामले की जांच की मांग भी उठ रही है| फिलहाल प्रशासन और बचाव दल की प्राथमिकता टनल में फंसे दोनों लापता मजदूरों का पता लगाना है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।