UP में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। गंगा, यमुना, शारदा और सरयू समेत 10 से ज्यादा नदियां खतरे के निशान के पास बह रही हैं। मथुरा में यमुना नदी का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच चुका है। वृंदावन में केशीघाट पर परिक्रमा मार्ग डूब गया। भक्त 1 फीट पानी में उतरकर परिक्रमा लगा रहे हैं।
84 घाट जनमग्न
कानपुर से 25 किलोमीटर दूर गंगा घाट के किनारे ब्रह्मावर्त घाट पर 'ब्रह्मा की खूंटी' मंदिर में खूंटी डूब गई। काशी में गंगा का पानी मणिकर्णिका घाट तक पहुंच चुका है। सभी 84 घाटों को जोड़ने वाले रास्ते जलमग्न हो गए। इससे उनका आपस में संपर्क टूट गया। दशाश्वमेघ घाट पर गंगा आरती की जगह बदली गई है। गंगा आरती का स्थान करीब 10 फीट पीछे कर दिया गया है। जलस्तर और बढ़ा तो आरती का स्थान फिर बदला जा सकता है। सावन के दूसरे सोमवार से पहले घाटों का संपर्क टूटने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है।
गांवों में चली नावं
गांवों में चली नावं
फर्रुखाबाद में 36 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बिजनौर में पिछले 11 दिनों से गंगा का पानी हाईवे के ऊपर से बह रहा है। 12 गांवों में बाढ़ से हालात बिगड़े हुए हैं। लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में नावें चल रही हैं। लोगों को ट्रैक्टर और बैलगाड़ी के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। आज सुबह से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत ज्यादातर शहरों में मौसम साफ है। तेज धूप निकली है। हालांकि, बीच-बीच में बादल छा रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) ने आज 52 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। ललितपुर और सोनभद्र समेत 10 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।