उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में नागपंचमी के दिन भारी भीड़ के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान करंट फैलने की अफवाह के बाद भीड़ का दबाव बढ़ गया और कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। घटना में 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
3 श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
घायलों को उज्जैन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 10 लोगों को छुट्टी दे दी गई, जबकि 3 श्रद्धालुओं का इलाज जारी है। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस के मुताबिक, नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए करीब 40 हजार श्रद्धालु कतार में थे और अब तक करीब 5.50 लाख भक्त दर्शन कर चुके हैं।
घायलों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
घायल श्रद्धालुओं ने भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए। सागर नाम के श्रद्धालु ने आरोप लगाया कि उन्हें कई घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद हरसिद्धि चौराहे पर रोक दिया गया। उनके मुताबिक, अचानक बैरिकेड खोले गए, जिसके बाद भीड़ का दबाव बढ़ा और टेंट व बैरिकेड गिर गए। उनके दोनों पैर बैरिकेड के नीचे फंस गए और एक पैर में फ्रैक्चर हुआ।
एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बताया कि उनकी बेटी भी भीड़ की चपेट में आकर घायल हुई। महिला के मुताबिक, बेटी के दांत टूट गए और वह कुछ बोल नहीं पा रही थी।
VIP दर्शन को लेकर भी उठे सवाल
घायल श्रद्धालु ने दावा किया कि इस दौरान VIP दर्शन जारी थे और 300 रुपए की रसीद के जरिए विशेष दर्शन कराए जा रहे थे। इन आरोपों के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने घटना पर दुख जताते हुए धार्मिक स्थलों पर VIP एंट्री और विशेष दर्शन व्यवस्था बंद करने की मांग की।
हालांकि, कलेक्टर रोशन सिंह ने किसी भी तरह की भगदड़ से इनकार करते हुए घटना को भ्रामक बताया है। महाकाल मंदिर प्रशासन ने भी कहा कि नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्थित रूप से जारी हैं और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।