उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने बुधवार, 19 अगस्त को कालिदास अकादमी में आयोजित होमगार्ड, आपदा मित्र एवं सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स प्रशिक्षण समारोह में 945.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 5.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के साथ महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी उपयोगी होगा।
सिंहस्थ-2028 के लिए तेज हो रही तैयारियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के भव्य आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ धार्मिक पर्यटन का सबसे बड़ा आयोजन होगा। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
CM डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विकास की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है। उज्जैन और इंदौर में मल्टी एलिवेटेड कॉरिडोर समेत कई परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार रेलवे और नदी पर भी नए पुल तैयार किए जा रहे हैं।
नागपंचमी पर बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन को बधाई
मुख्यमंत्री ने नागपंचमी के अवसर पर उज्जैन पहुंचे श्रद्धालुओं के प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने अपने सिंहस्थ अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वह वर्ष 1980 के उज्जैन सिंहस्थ में स्काउट एंड गाइड के सदस्य के रूप में शामिल हुए थे। वर्ष 2016 के सिंहस्थ के दौरान भी कई स्तरों पर सावधानियां बरती गई थीं और रामघाट पर सुविधाओं का विस्तार किया गया था।
होमगार्ड को बताया ‘सच्चा नायक’
CM डॉ. यादव ने होमगार्ड, आपदा मित्रों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय लोगों की जान-माल की रक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं पर होती है। उन्होंने इन्हें ‘संकट मोचक’ और ‘सच्चा नायक’ बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन हाईवे का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आगामी सिंहस्थ के दौरान होमगार्ड, पुलिस और प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।
शिप्रा किनारे 35 किलोमीटर के घाट होंगे तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ-2016 के दौरान शिप्रा नदी पर करीब 7 किलोमीटर के घाट थे, जबकि आगामी सिंहस्थ में लगभग 35 किलोमीटर के घाट तैयार किए जाएंगे। इन घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था होगी।
उन्होंने बताया कि उज्जैन में 300 सर्प मित्रों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मानव और सर्प दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर में स्नेक पार्क भी बनाया जा रहा है, जिसका लोकार्पण जल्द किया जाएगा। सरकार की योजना प्रत्येक पंचायत और थाने के स्तर पर प्रशिक्षित सर्प मित्र उपलब्ध कराने की है, ताकि रिहायशी इलाकों से सांपों को सुरक्षित निकालकर जंगल में छोड़ा जा सके।
1100 आपदा मित्रों का पंजीयन, 10 हजार को प्रशिक्षण का लक्ष्य
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड संतोष कुमार जाट ने बताया कि उज्जैन में अब तक 1100 आपदा मित्रों का पंजीयन हो चुका है। कुल 10 हजार आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह 4 हजार सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स का भी पंजीयन हो चुका है और 10 हजार को प्रशिक्षण देने की योजना है।
उन्होंने बताया कि होमगार्ड और एसडीआरएफ के मास्टर ट्रेनर आपदा मित्रों और वॉलंटियर्स को बोट हैंडलिंग तथा अंडरवॉटर डिजास्टर से निपटने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। सिंहस्थ-2028 के दौरान इन सभी प्रशिक्षित कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त हेमलता ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्हें इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ रिसेप्शन में आमंत्रित किया गया था।