इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के समय सोनम को दिए गए 'ग्राउंड्स ऑफ अरेस्ट' से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे।
ऐसी कोई धारा अस्तित्व में नहीं
सोनम को ट्रायल कोर्ट ने इस आधार पर जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय कानून के मुताबिक उसे गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए। इस आदेश को बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा। हालांकि, मेघालय सरकार का कहना है कि सोनम को गिरफ्तारी के कारण बताए गए थे और विवाद केवल दस्तावेज में हुई एक टाइपिंग की गलती का है। गिरफ्तारी मेमो में हत्या से संबंधित BNS की धारा 103(1) की जगह गलती से 403(1) लिख दिया गया था, जबकि ऐसी कोई धारा अस्तित्व में नहीं है।
हाईकोर्ट के फैसले पर प्रारंभिक सवाल भी उठाए
सुप्रीम कोर्ट अब यह तय करेगा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया कानूनी रूप से सही थी या नहीं और क्या केवल तकनीकी त्रुटि के आधार पर दी गई जमानत बरकरार रहनी चाहिए। इससे पहले शीर्ष अदालत ने जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले पर प्रारंभिक सवाल भी उठाए थे।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी थी कि यह केवल टाइपिंग की त्रुटि थी और मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी के आधार आरोपी को समझाए थे। वहीं, सोनम पक्ष का दावा है कि गिरफ्तारी के कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए थे।
हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की दिशा तय
गौरतलब है कि मई 2025 में शादी के बाद हनीमून पर गए राजा रघुवंशी की मेघालय में हत्या कर दी गई थी। जांच में पुलिस ने सोनम रघुवंशी को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार किया था। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की दिशा तय कर सकता है।