राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में संसद भवन में हंगामे के आसार हैं। वहीं 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों की कमी पर विचार किया जाएगा। SIT की आखिरी रिपोर्ट पर चर्चा होगी। CEO तैनाती समेत विभिन्न मुद्दों पर बात की जाएगी। वहीं सोमवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- नए सिरे से SIT बनाई जाए। सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे।
27 जुलाई को अगली सुनवाई
अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को यूपी सरकार से SIT के लिए नाम लेकर आने को कहा। कोर्ट अब 27 जुलाई को अगली सुनवाई करेगी। जबकि सोमवार शाम CM योगी ने नई SIT बनाने की मंजूरी दे दी है। नई SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव नीलरतन कुमार नहीं होंगे। उनकी जगह एक DIG और 1 SSP स्तर के IPS अधिकारी को शामिल किया जाएगा। SIT पहले से दर्ज FIR पर मामले की जांच की जाएगी। 30 जुलाई तक SIT रिपोर्ट देगी।
जांच में नया पहलू
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में अब एक नया पहलू सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कथित क्लोन चेक से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
तीन बैंक खातों की जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 3 बैंक खातों में से किसी खाते के संबंध में क्लोन चेक के जरिए धन निकालने का प्रयास या किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई या नहीं। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो मामला केवल चढ़ावा चोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।