राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा समेत पार्टी के कई नेताओं ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान चुनावी तैयारियों और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को समर्थन देने को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद पार्टी के नेताओं की ओर से कार्यकर्ताओं और समर्थकों से भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों के पक्ष में मजबूती से काम करने की अपील की गई। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अधिकृत प्रत्याशियों के साथ संगठन को एकजुट रखने की है।
रिणवा के घर से हटाए गए थे भाजपा के पोस्टर
इस मुलाकात से पहले सरदारशहर में भाजपा की अंदरूनी खींचतान भी चर्चा में रही थी। सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा के घर से भाजपा के पोस्टर हटाए गए थे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। सरदारशहर में भाजपा की आपसी फूट को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा सामने आई है। चुनावी माहौल में पार्टी के अलग-अलग नेताओं और खेमों की सक्रियता ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है।
अधिकृत प्रत्याशियों के समर्थन पर जोर
भाजपा नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर प्रचार करें। रिणवा से जुड़े हालिया राजनीतिक संदेशों में भी अधिकृत उम्मीदवारों के समर्थन में पूरी मजबूती से काम करने का आह्वान सामने आया है। राजकुमार रिणवा राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह पहले भाजपा के विधायक और मंत्री रह चुके हैं। 2019 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा था और बाद में 2022 में फिर भाजपा में वापसी की। ऐसे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात को निकाय चुनाव से पहले पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर टिकट और प्रत्याशियों को लेकर सामने आई नाराजगी चुनाव में भाजपा के लिए चुनौती बनी हुई है।