पंजाब कांग्रेस में कलह थामने की कवायद तेज, चंडीगढ़ पहुंचे भूपेश बघेल; नेताओं से की अहम बैठक

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी

पंजाब कांग्रेस में कलह थामने की कवायद तेज, चंडीगढ़ पहुंचे भूपेश बघेल; नेताओं से की अहम बैठक

पंजाब कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी और मतभेदों के बीच भूपेश बघेल चंडीगढ़ पहुंचे। नेताओं के साथ बैठक कर एकता और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।

पंजाब कांग्रेस में कलह थामने की कवायद तेज चंडीगढ़ पहुंचे भूपेश बघेल नेताओं से की अहम बैठक

पंजाब कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी और अंदरूनी मतभेदों को दूर करने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने पहुंचते ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के आवास पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में एकजुटता बनाए रखने और नेताओं के बीच चल रही खींचतान को समाप्त करने के उद्देश्य से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।

सभी नेताओं को साथ लेकर चलना पार्टी की प्राथमिकता

बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने पहली बार स्वीकार किया कि प्रदेश कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत के जरिए सभी मतभेद जल्द दूर कर लिए जाएंगे। बाजवा ने कहा कि पार्टी में छोटे-मोटे मतभेद होते रहते हैं और इन्हें बातचीत से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच जारी वार्ता का उदाहरण देते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय विवाद बातचीत से सुलझ सकते हैं तो कांग्रेस का यह अंदरूनी मामला भी जल्द हल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं, इसलिए सभी नेताओं को साथ लेकर चलना पार्टी की प्राथमिकता है।

चुनावी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे

भूपेश बघेल ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि वे अभी-अभी चंडीगढ़ पहुंचे हैं और अगले कुछ दिनों तक सभी नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। सभी से चर्चा के बाद ही स्थिति पर विस्तार से जानकारी देंगे। बताया जा रहा है कि बघेल का पांच दिन का कार्यक्रम है, जिसमें वे संगठनात्मक समीक्षा के साथ चुनावी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे।

अध्यक्ष पद को लेकर भी सियासी हलचल तेज

इस बीच, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष पद को लेकर भी सियासी हलचल तेज है। कई पूर्व और मौजूदा विधायक लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर मोहाली में कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी हुई, जिसे पार्टी में बढ़ती गुटबाजी का संकेत माना जा रहा है। हालांकि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने किसी भी प्रकार की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। वहीं पार्टी की अनुशासनात्मक समिति ने पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को नेतृत्व के खिलाफ बयानबाजी करने पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

संबंधित सामग्री




पंजाब कांग्रेस में घमासान के बीच हाईकमान का फैसला साफ, नहीं बदले जाएंगे राजा वड़िंग!

राज्य

पंजाब कांग्रेस में घमासान के बीच हाईकमान का फैसला साफ, नहीं बदले जाएंगे राजा वड़िंग!

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग के बावजूद, पार्टी हाईकमान ने स्पष्ट किया कि वर्तमान अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को नहीं बदला जाएगा।

पंजाब कांग्रेस में बगावत, चरणजीत चन्नी ने मीटिंग का किया बायकॉट

राज्य

पंजाब कांग्रेस में बगावत, चरणजीत चन्नी ने मीटिंग का किया बायकॉट

पंजाब कांग्रेस में बगावत बढ़ती जा रही है, जिसमें चरणजीत चन्नी ने भूपेश बघेल की मीटिंग का बायकॉट किया और दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

प्रशांत किशोर की एंट्री से गरमाई बिहार की सियासत,नीतीश-सम्राट की अहम मुलाकात ने बढ़ाया सस्पेंस!

राज्य

प्रशांत किशोर की एंट्री से गरमाई बिहार की सियासत,नीतीश-सम्राट की अहम मुलाकात ने बढ़ाया सस्पेंस!

प्रशांत किशोर के बांकीपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा और शीर्ष राजनेताओं की बैठकों ने बिहार की राजनीति में नई गतिशीलता ला दी है।

समाजवादी पार्टी की यूपी चुनाव के लिए रणनीति तैयार, संगठन के अंदर बेहतर तालमेल पर ध्यान

राज्य

समाजवादी पार्टी की यूपी चुनाव के लिए रणनीति तैयार, संगठन के अंदर बेहतर तालमेल पर ध्यान

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने चुनावी रणनीति को अधिक सुनियोजित बनाने के लिए उम्मीदवारों का नाम तय करने के बाद ही रैलियों का आयोजन करने का निर्णय लिया है।

बंगाल चुनाव परिणाम:‘दीदी का खेला’ पड़ गया उलटा, ‘एम फैक्टर’ के साथ भाजपा ने मजबूत बनाई बढ़त

देश-विदेश

बंगाल चुनाव परिणाम:‘दीदी का खेला’ पड़ गया उलटा, ‘एम फैक्टर’ के साथ भाजपा ने मजबूत बनाई बढ़त

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा आगे निकली, जबकि टीएमसी पिछड़ती दिखाई दी। नई रणनीतियों और वादों का असर साफ नजर आया।