एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल में PG JR-1 डॉ. सिम्मी यादव से कथित रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अकादमिक दबाव के मामले में नेशनल मेडिकल कमीशन यानी NMC ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे के भीतर पैरावाइज कमेंट और एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पूरे मामले की तत्काल, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ जांच के निर्देश दिए हैं।
भाई की शिकायत पर NMC की कार्रवाई
NMC को यह शिकायत डॉ. सिम्मी यादव के भाई कुणाल यादव की ओर से मिली थी। शिकायत में सीनियर रेजिडेंट्स पर कथित तौर पर बार-बार प्रताड़ित करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और गैर-अकादमिक व कागजी काम का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। अब आयोग ने कॉलेज से इन सभी आरोपों पर दस्तावेजों के साथ जवाब मांगा है।
इंसुलिन की अधिक मात्रा लेने का दावा
शिकायत में दावा किया गया है कि डॉ. सिम्मी ने इंसुलिन की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या का प्रयास किया। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने की बात भी कही गई है। NMC ने घटना की तारीख, समय, परिस्थितियों और डॉक्टर की वर्तमान मेडिकल स्थिति की जानकारी मांगी है।
14 से 15 घंटे ड्यूटी का आरोप
शिकायत में आधिकारिक रोस्टर से अधिक समय तक ड्यूटी कराने का आरोप भी लगाया गया है। दावा है कि करीब 12 घंटे की निर्धारित ड्यूटी के बजाय उनसे कथित तौर पर 14 से 15 घंटे काम कराया गया। NMC ने ड्यूटी रोस्टर, बायोमेट्रिक, अटेंडेंस, हैंडओवर और अवकाश रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए हैं।
WhatsApp चैट और एंटी रैगिंग रिकॉर्ड जांच में
आयोग ने संबंधित WhatsApp ग्रुप, मैसेज, ईमेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। साथ ही एंटी रैगिंग कमेटी और स्क्वाड के गठन, निरीक्षण, शिकायतों और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड में किसी तरह का बदलाव या उसे हटाने पर भी रोक लगाई गई है।
HOD और सीनियर्स की भूमिका पर भी सवाल
NMC ने पूछा है कि विभागाध्यक्ष डॉ. निलेश दलाल को कथित शिकायतों की जानकारी कब और किस माध्यम से मिली और उसके बाद क्या कार्रवाई हुई। डॉ. यशस्वी, डॉ. निकिता और डॉ. श्वेता से जुड़े आरोपों पर भी अलग-अलग पक्ष और जवाब रिपोर्ट में शामिल करने को कहा गया है।
24 घंटे में देनी होगी दस्तावेजी रिपोर्ट
कॉलेज प्रबंधन को सभी आरोपों पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ 24 घंटे में रिपोर्ट देनी होगी। NMC ने यह भी निर्देश दिया है कि शिकायत या जांच में शामिल होने के कारण डॉ. सिम्मी की PG ट्रेनिंग, अटेंडेंस, परीक्षा पात्रता और अकादमिक प्रगति प्रभावित न हो। साथ ही आगे के उत्पीड़न, धमकी या प्रतिशोध से सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था की जानकारी भी देनी होगी।