मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्तमान समय की जरूरतों और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आए हैं। रायपुर में आयोजित "स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस" राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा देना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है।
बढ़ी न्याय प्रक्रिया की रफ्तार
CM साय ने बताया कि डिजिटल तकनीक के कारण न्यायिक प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हुई है। ई-समन से सूचना तुरंत संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है, जबकि ई-साक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) से देशभर के पुलिस थाने आपस में जुड़े हैं।
साइबर अपराध पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के माध्यम से पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन और जेल विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आई है। साइबर अपराधों से प्रभावी मुकाबले के लिए राज्य में नौ नए साइबर थाने शुरू किए गए हैं और व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।