MP में शस्त्र लाइसेंस की फाइलें अब ऑनलाइन: बिना UIN वाले हथियार अवैध माने जा सकते हैं

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MP में शस्त्र लाइसेंस की फाइलें अब ऑनलाइन: बिना UIN वाले हथियार अवैध माने जा सकते हैं

mp में शस्त्र लाइसेंस की फाइलें अब ऑनलाइन बिना uin वाले हथियार अवैध माने जा सकते हैं

mp arms license online process: मध्य प्रदेश में अब शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने जा रही है. राज्य सरकार ने तय किया है कि 1 मार्च से नए शस्त्र लाइसेंस और उनके नवीनीकरण से जुड़ी फाइलें सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही आगे बढ़ेंगी. इसके साथ ही जिन हथियारों के लिए अब तक UIN नहीं ली गई है, उन्हें 20 मार्च तक का आखिरी मौका दिया गया है. [caption id="attachment_139237" align="alignnone" width="1067"] शस्त्र लाइसेंंस[/caption]

mp arms license online process: ऑनलाइन चलेंगी शस्त्र लाइसेंस की फाइलें

गृह विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि अब शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी नई फाइलें और नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही पूरी की जाएगी. इसका मकसद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और हथियारों की निगरानी को मजबूत करना है.सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से यह व्यवस्था लागू करने की कोशिश चल रही थी, लेकिन कई जिलों में इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।

mp arms license online process: दो लाख से ज्यादा लाइसेंस अभी भी बिना UIN

प्रदेश में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे शस्त्र लाइसेंस हैं जिनकी विशिष्ट पहचान संख्या जारी नहीं हुई है। आंकड़ों के मुताबिक करीब 2 लाख 30 हजार से ज्यादा लाइसेंस ऐसे हैं जिनमें UIN दर्ज नहीं है.यही वजह है कि राज्य सरकार ने एक बार फिर समय सीमा बढ़ाते हुए शस्त्रधारियों को 20 मार्च तक का समय दिया है, ताकि वे अपने हथियारों के लिए UIN नंबर प्राप्त कर सकें।

समीक्षा बैठक में सामने आई धीमी प्रगति

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने 19 फरवरी को इस मुद्दे पर समीक्षा बैठक की थी। बैठक में जिलों में UIN जारी करने की प्रगति की जानकारी ली गई.समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में इस प्रक्रिया को लेकर अपेक्षित गति नहीं है। इसके बाद ही फैसला लिया गया कि अब लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाए. गृह विभाग की सचिव कृष्णावेणी देशावतु ने सभी जिलों के कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयुध नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी शस्त्रों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट हो।

बिना UIN वाले हथियार हो सकते हैं अवैध

सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि तय समय सीमा तक शस्त्रधारी UIN नंबर नहीं लेते हैं, तो ऐसे हथियारों को वैधानिक रूप से अवैध घोषित किया जा सकता है. हालांकि फिलहाल सरकार ने लोगों को एक और मौका दिया है। अब देखना यह होगा कि 20 मार्च तक कितने शस्त्रधारी अपनी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कराते हैं।  

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