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महाकाल की संध्या-शयन आरती अब ऑनलाइन, 250-250 रुपए देने होंगे, फ्री दर्शन चलते-चलते

By : Narendra Singh
महाकाल की संध्या-शयन आरती अब ऑनलाइन, 250-250 रुपए देने होंगे, फ्री दर्शन चलते-चलते

mahakal sandhya shayan aarti: श्री महाकाल के दरबार में दर्शन व्यवस्था एक बार फिर बदल गई है। अब श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती की तर्ज पर संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य कर दी गई है। इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 250-250 रुपए चुकाने होंगे, जबकि शुल्क नहीं देने वाले भक्त केवल चलित दर्शन ही कर सकेंगे।मंदिर प्रबंध समिति ने यह नई व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरती के समय उमड़ने वाली भारी भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

mahakal sandhya shayan aarti: अब सिर्फ वेबसाइट से होगी बुकिंग

संध्या आरती और रात की शयन आरती के लिए श्रद्धालु अब केवल मंदिर की अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। मंदिर समिति के अनुसार, ऑफलाइन या मौके पर कोई टिकट जारी नहीं होगा। जो श्रद्धालु ऑनलाइन शुल्क नहीं चुकाएंगे, वे सामान्य कतार से चलते-चलते दर्शन करेंगे, लेकिन आरती में बैठकर शामिल नहीं हो पाएंगे।

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mahakal sandhya shayan aarti: शीघ्र दर्शन का शुल्क पहले जैसा ही

महाकालेश्वर मंदिर समिति पहले से ही भस्मारती के लिए ऑनलाइन प्रवेश पर 200 रुपए और शीघ्र दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए ले रही है। इसके अलावा अलग-अलग पूजन विधियों के लिए भी तय शुल्क है। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, रोजाना करीब 1200 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन भस्मारती प्रवेश की अनुमति दी जाती है।मंदिर में सामान्य कतार के साथ-साथ वीआईपी लाइन की सुविधा भी है। वीआईपी दर्शन के लिए श्रद्धालु काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से 250 रुपए की रसीद लेकर दर्शन कर सकते हैं।

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गर्भगृह प्रवेश अब भी बंद

श्रद्धालुओं के बीच एक बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है। पहले 1500 रुपए शुल्क देकर गर्भगृह में प्रवेश की सुविधा थी, लेकिन 4 जुलाई 2023 को सावन की भीड़ को देखते हुए इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। तब कहा गया था कि सावन के बाद गर्भगृह खोल दिया जाएगा, लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी आम भक्तों के लिए यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इसको लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, मगर फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।

 

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