मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के बराज गांव में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मृतकों में बंडा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के लोग शामिल हैं। कई अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल रेफर किया गया है।
मौके पर पहुंचा पुलिस-प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही सागर पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। सागर एसपी अनुराग सुजानिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि लोगों ने शराब कहां से खरीदी थी और जहरीली शराब का स्रोत क्या था।
नकली शराब की शिकायत पर उठे सवाल
हादसे के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने कुछ समय पहले बाजार में ‘बांबे व्हिस्की’ के नाम से बिक रही नकली शराब को लेकर आबकारी कार्यालय में शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
चार दिन पहले दी गई थी चेतावनी
बताया जा रहा है कि घटना से महज चार दिन पहले आबकारी विभाग की बैठक हुई थी। इसमें लाइसेंसी ठेकेदारों ने क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब कारोबार और नकली शराब की बिक्री को लेकर अधिकारियों को चेतावनी दी थी। अब हादसे के बाद विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
11 लोगों की मौत, 8 अस्पताल में भर्ती
इस हादसे में गोलू उर्फ चमन लोधी, दिग्विजय लोधी, करतार सिंह, उजयार सिंह, रोशन लोधी, राजेंद्र लोधी, हरनाम राय, उत्तम नायक, सुमेर सिंह दांगी, राजकुमार लोधी और सुरेंद्र अहिरवार की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं 8 लोगों को सागर बीएमसी अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस अब शराब के स्रोत और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।