मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में करीब 10 साल से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया अब फिर से शुरू होने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए प्रमोशन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय महाधिवक्ता की कानूनी राय के आधार पर लिया गया है।
प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभागीय पदोन्नति समितियाँ (DPC) अब बैठकें कर सकेंगी और योग्य कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि सभी पदोन्नतियाँ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी। यदि भविष्य में न्यायालय का कोई अलग निर्णय आता है, तो उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई भर्तियों की प्रक्रिया भी बाधित हुई
राज्य सरकार का कहना है कि लंबे समय से प्रमोशन न होने के कारण कई विभागों में उच्च पद बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई विभाग अपनी स्वीकृत क्षमता के मात्र 40 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। इस स्थिति के चलते न केवल कार्य क्षमता पर असर पड़ा है, बल्कि नई भर्तियों की प्रक्रिया भी बाधित हुई है।
नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा
करीब 2016 से पदोन्नति पर लगी रोक के कारण लाखों कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो रहे थे। अब इस फैसले से लगभग 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
इसके साथ ही, प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने से खाली होने वाले पदों पर नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा। अनुमान है कि करीब 2 लाख पद रिक्त होंगे, जिन पर सरकार जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भी बड़ा अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही संकेत दिए थे कि कर्मचारियों के हित में पदोन्नति प्रक्रिया को पुनः शुरू किया जाएगा, और यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।