मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा वर्षा खजुराहो और मंडला में 4.2-4.2 इंच रिकॉर्ड की गई। लगातार छह दिनों से हो रही बारिश के कारण प्रदेश की औसत वर्षा लगभग 7 इंच तक पहुंच गई है। जून के आखिर तक जहां राज्य में सामान्य से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, वहीं अब यह आंकड़ा सुधरकर सामान्य से केवल 1 प्रतिशत कम रह गया है।
नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया
मौसम विभाग के अनुसार सतना, भोपाल, इंदौर, रीवा, पचमढ़ी, सागर, जबलपुर, उज्जैन, धार, गुना, विदिशा, रतलाम, पन्ना, टीकमगढ़, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सीधी, बालाघाट, रायसेन, शिवपुरी, बुरहानपुर, खरगोन, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, दतिया, मैहर, छतरपुर, बड़वानी और पांढुर्णा सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। लगातार बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राएं घायल
बारिश का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल में कक्षा 9 के कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्राएं घायल हो गईं। दोनों के सिर में हल्की चोटें आईं, जिनका इलाज सिविल अस्पताल में कराया गया। वहीं इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में सड़क धंसने से स्कूली बच्चों की आवाजाही बाधित हो गई। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
शा-निर्देशों का पालन करने की अपील की
मौसम विभाग ने मंगलवार को गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा धार, बड़वानी, बुरहानपुर, रतलाम, पन्ना और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।