मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि मध्य प्रदेश सरकार स्थानीय उद्यमियों और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं, निर्बाध बिजली आपूर्ति और बेहतर अधोसंरचना के साथ निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ जिले में संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें नए अवसरों में बदलने की है।
मुख्यमंत्री 21 अगस्त को अपने जन-विश्वास अभियान के तहत टीकमगढ़ पहुंचे थे। यहां उन्होंने उद्यमियों से संवाद करते हुए जिले में औद्योगिक और पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।

झांसी-जतारा-टीकमगढ़ कनेक्टिविटी से बढ़ेंगे अवसर
CM डॉ. यादव ने कहा कि झांसी, जतारा और टीकमगढ़ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से जिले का दूसरे प्रदेशों से संपर्क और मजबूत होगा। इससे उद्योगों के लिए बाजार और परिवहन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उन्होंने स्थानीय उद्यमियों से अपने कारोबार का विस्तार करने और नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी भी दे रही है।
कुंडेश्वर धाम के विकास से धार्मिक पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाकाल लोक की तर्ज पर कुंडेश्वर धाम का विकास कराया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग के अधिकारियों की टीम जल्द टीकमगढ़ भेजी जाएगी।
उन्होंने उद्यमियों से कुंडेश्वर के आसपास होटल और होमस्टे विकसित करने का आह्वान किया। उनके मुताबिक, इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पीतल शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री को टीकमगढ़ जिले के धरमपुर की प्रसिद्ध पारंपरिक बेल मेटल यानी पीतल शिल्प कला के संबंध में 1 करोड़ 99 लाख रुपये की प्रस्तावित योजना की जानकारी दी गई। डॉ. यादव ने कहा कि इस पारंपरिक कला को केवल विरासत तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक अधोसंरचना, कारीगरों के सशक्तीकरण, रोजगार और बाजार विस्तार से जोड़ा जाना चाहिए।
बताया गया कि पीतल शिल्प कला के विकास के लिए धरमपुरा में करीब 6.99 हेक्टेयर भूमि एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है।
उद्यमियों ने मुख्यमंत्री के सामने रखे सुझाव
संवाद के दौरान उद्यमी गौरव जैन ने बुंदेलखंड में पर्यटन की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने ओरछा, खजुराहो और टीकमगढ़ को जोड़कर एक पर्यटन सर्किट विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने टीकमगढ़ को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने और कुंडेश्वर को ‘कुंडेश्वर लोक’ के रूप में विकसित करने की बात कही। साथ ही टीकमगढ़, मोहनगढ़ और बल्देवगढ़ के किलों के विकास का सुझाव भी दिया।
मूंगफली प्रसंस्करण इकाई संचालित करने वाले उद्यमी राजेश साहू ने बताया कि उनका कारोबार अच्छा चल रहा है और उन्हें सरकार से 4 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है। स्वस्तिक मसाला विनिर्माण इकाई की संचालक सृष्टि मिश्रा ने बताया कि उन्हें सरकार से 4 लाख रुपये की सब्सिडी मिली है।
उद्यमी राज परमार ने कहा कि विभागों से उन्हें अच्छा सहयोग मिल रहा है और अब वह जतारा में अपनी यूनिट शुरू करना चाहते हैं।
500 लोगों को मिल रहा रोजगार
उद्यमी सुनीता राज बुंदेला ने बताया कि उनकी यूनिट में करीब 500 लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनका बीज उत्पादन का काम अच्छा चल रहा है और किसानों के माध्यम से शहद उत्पादन भी कराया जा रहा है। इससे एक किसान को औसतन 50 हजार रुपये तक की आय हो रही है। उन्होंने ऑयल मिल शुरू करने की योजना भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
हाईवे से कनेक्टिविटी की मांग पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को सड़क संबंधी प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से देशभर में पहुंच रहे फूड प्रोडक्ट्स
स्वस्तिक एंटरप्राइजेस की फूड प्रोसेसिंग यूनिट के आशीष शर्मा ने बताया कि वह पिछले सात वर्षों से फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इस दौरान उनकी कंपनी ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बड़े क्षेत्र में अपना कारोबार विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में उनके फूड प्रोडक्ट्स की डिलीवरी की जा रही है।
इस अवसर पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए जिले के औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी।