मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है और कई जिलों में भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। सीहोर और खंडवा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को दिनभर झमाझम बारिश का दौर जारी रहा, जिससे नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
किसानों के लिए राहत की खबर
सीहोर जिले में औसतन करीब 1.50 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि आष्टा क्षेत्र में सर्वाधिक 2.05 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। जावर, इछावर और अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे जिले में 1 जून से अब तक कुल औसत बारिश 10.63 इंच तक पहुंच गई है। पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश की स्थिति काफी बेहतर मानी जा रही है, जो किसानों के लिए राहत की खबर है।
फसल को नुकसान की आशंका जताई
उधर खंडवा जिले में देर रात से जारी तेज बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। किल्लौद ब्लॉक के ग्राम गरबड़ी में नाला उफान पर आने से खिरकिया मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में भी जलभराव के कारण सोयाबीन की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
स्थिति की तुरंत सूचना प्रशासन को दें
आष्टा क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में भी भारी बारिश के चलते कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से टूट गया है। भंवरा, दुपाड़िया, नीलबड़ और मुगली जैसे गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और SDRF, होमगार्ड व पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों और रपटों को पार न करें तथा किसी भी आपात स्थिति की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।