मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित AIM Congress 2026 (Annual Investment Meeting) में शामिल हुए। निवेश के इस बड़े वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री ने दुनियाभर के निवेशकों और उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने निवेशकों को भोपाल में आयोजित होने वाली Global Investors Summit (GIS)-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया।
AIM Congress दुनिया के प्रमुख निवेश मंचों में शामिल है। इस बार सम्मेलन में 180 से अधिक देशों के करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है। सम्मेलन में सरकारें, निवेशक, सोवरिन वेल्थ फंड्स और बड़ी कंपनियां निवेश के अवसरों पर चर्चा कर रही हैं।
निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन के दौरान बड़े निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात की। राज्य सरकार का फोकस मध्यप्रदेश को ग्लोबल निवेश डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करने और प्रदेश में नए उद्योगों के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधनों और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।
दुबई में MP के पारंपरिक उत्पादों की झलक
AIM Congress के पहले दिन मुख्यमंत्री ने दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में आयोजित मध्यप्रदेश के ODOP (One District One Product) और GI उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया। इसमें—
बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट
अशोकनगर की चंदेरी साड़ी
खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी
उज्जैन का बाटिक प्रिंट
भोपाल की जरी-जरदोजी
ग्वालियर का कारपेट
जैसे उत्पाद शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य इन स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना और प्रदेश के कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है।
अरब संसद के अध्यक्ष से CM की अहम मुलाकात
आज दुबई प्रवास के दौरान अरब संसद के स्पीकर आदरणीय मोहम्मद अहमद अल यामाही और अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 6, 2026
इस अवसर पर उन्हें निवेशकों के साथ भोपाल में आयोजित होने वाले आगामी GIS 2027 में आमंत्रित किया।#InvestMP #GIS2027 pic.twitter.com/cxnzm2jGuY
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। इस दौरान मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी। इनमें नवकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष और उनके नेतृत्व वाले व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने तथा GIS-2027 में शामिल होने का न्योता दिया।
दुबई के बाजार से MP के किसानों को मिल सकता है बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री की दुबई यात्रा का एक अहम फोकस मध्यप्रदेश के कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाशना भी है। दुबई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। वहीं, UAE में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिसके कारण भारतीय अनाज, दाल और प्रोसेस्ड फूड की मांग बनी हुई है।
मध्यप्रदेश इस मांग को पूरा करने की क्षमता रखता है। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले, मक्का में पहले और गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। राज्य देश के सोयाबीन उत्पादन में भी करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में दुबई और UAE जैसे बड़े बाजारों तक मध्यप्रदेश के कृषि उत्पादों की पहुंच बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार और संभावित रूप से बेहतर कीमत मिल सकती है।
फूड प्रोसेसिंग और कोल्ड चेन में निवेश की उम्मीद
दुबई के बाजार से जुड़ने पर केवल कृषि उत्पादों के निर्यात को ही बढ़ावा नहीं मिलेगा, बल्कि राज्य में कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री की लूलू ग्रुप के यूसुफ अली एमए के साथ बैठक को भी अहम माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि मध्यप्रदेश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर किसानों की आय और राज्य के निर्यात को बढ़ावा दिया जाए।
निवेश से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते
AIM Congress 2026 में मध्यप्रदेश की भागीदारी का मकसद सिर्फ निवेश जुटाना नहीं, बल्कि प्रदेश में उद्योगों का विस्तार कर रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है। सरकार का फोकस निवेश को जमीन पर उतारने, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार देने और मध्यप्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बनाने पर है। अब नजर इस बात पर होगी कि दुबई में हुई इन मुलाकातों और चर्चाओं में से कितने निवेश प्रस्ताव आगे चलकर वास्तविक परियोजनाओं में बदलते हैं।