झारखंड सरकार ने राज्य में अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में अवैध शराब निर्माण, परिवहन और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने को कहा।झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में अवैध मदिरा (शराब) निर्माण, परिवहन, बिक्री और तस्करी पर पूरी कठोरता के साथ अंकुश लगाएं।
बता दे झारखंड सरकार ने राज्य में अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती करने और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अवैध शराब निर्माण, परिवहन, बिक्री और तस्करी पर पूरी सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग में खाली पदों पर जल्द नियुक्ति, जीपीएस आधारित निगरानी, नई मदिरा नीति और स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर भी जोर दिया।
अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने विभाग की योजनाओं, राजस्व संग्रह और अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ लोगों की जान और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है। ऐसे कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ तुरंत और प्रभावी कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए। बैठक में उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे।
गोदाम निर्माण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विभाग के सभी कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। उन्होंने उत्पाद इकाइयों की निगरानी और निरीक्षण को तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि विभिन्न जिलों में बनने वाले उत्पाद विभाग के गोदामों के निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता दी जाए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रिक्त पदों पर तेजी से होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने विभाग में खाली पदों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से सभी रिक्त पदों पर नियमित बहाली जल्द पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त और दक्ष मानव संसाधन के बिना विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जेएसएससी के माध्यम से चयनित 583 उत्पाद सिपाहियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
शराब ढोने वाले वाहनों में GPS और डिजिटल लॉक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शराब परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी रियल टाइम निगरानी हो सके और उनके रूट, ठहराव तथा गंतव्य की पूरी जानकारी मिलती रहे। उन्होंने कहा कि इससे परिवहन व्यवस्था पारदर्शी होगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
स्पिरिट की खपत का होगा अध्ययन
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में मदिरा के साथ-साथ स्पिरिट की खपत का व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान और भविष्य की मांग, औद्योगिक उपयोग और राजस्व बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
नई मदिरा विनिर्माण नीति बनेगी
मुख्यमंत्री ने राज्य में विभिन्न प्रकार की मदिरा निर्माण नीति तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने औद्योगिक अल्कोहल के नियमन के लिए अलग नीति बनाने और लेबल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान करने की बात कही, ताकि लोकप्रिय ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।