स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में तिरंगा फहराया। इसके बाद वह शहीद चौक स्थित शहीद स्थल पर ध्वजारोहण के लिए रवाना हुए। जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले के निर्धारित रूट में बदलाव किया। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काफिले को वैकल्पिक मार्ग से शहीद चौक ले जाया गया।
कचहरी चौक और न्यूक्लियस मॉल होकर गुजरा काफिला
पुलिस के मुताबिक, मुख्यमंत्री का काफिला मोरहाबादी मैदान से कचहरी चौक होते हुए न्यूक्लियस मॉल के रास्ते शहीद चौक पहुंचा। शहीद स्थल पर ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री इसी वैकल्पिक मार्ग से वापस लौटे।
जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन मुख्य मार्ग में बदलाव किया था। अधिकारियों का उद्देश्य मुख्यमंत्री के आवागमन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना था।
JPSC प्रकरण पर बोले हेमंत सोरेन
मोरहाबादी मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन के दौरान युवाओं और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने JPSC प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और उनके माता-पिता अपनी क्षमता से बढ़कर उन्हें पढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है कि युवाओं की मेहनत का सम्मान हो और उनकी प्रतिभा को न्याय मिले। उन्होंने माना कि पिछले कुछ समय में भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। उनके मुताबिक, जब परीक्षा व्यवस्था पर संदेह पैदा होता है तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी एक पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है।
‘आपकी मेहनत को माफिया के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा’
मुख्यमंत्री ने झारखंड के विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक मंच से वह प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि उनकी मेहनत और प्रतिभा के साथ न्याय किया जाएगा।
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक तथा परीक्षा संबंधी गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने इसे पूरे देश के सामने मौजूद गंभीर चुनौती बताया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों में हुई घटनाओं से झारखंड की अपनी जिम्मेदारी कम नहीं होती।