मध्य प्रदेश के डिंडौरी में शनिवार रात से रविवार सुबह तक हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच करीब 6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बजाग, करंजिया और समनापुर ब्लॉक में कई इलाकों में जलभराव हो गया है।
जबलपुर-मंडला मार्ग पर संपर्क टूटा
भारी बारिश के कारण जबलपुर और मंडला मार्ग पर पानी भर गया है। मंडला-डिंडौरी नेशनल हाईवे पर खरमेर नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। सक्का गांव के पास वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने की अपील की है।
नर्मदा का बढ़ा जलस्तर, परिवार शिफ्ट
लगातार बारिश के चलते नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से नदी किनारे रहने वाले 7 परिवारों को रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया है।
तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने दतिया, रीवा और सीधी में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन गुजर रही है। वहीं पश्चिम बंगाल और आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके मजबूत होने की संभावना है।
कई जिलों में बारिश का दौर जारी
रविवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, डिंडौरी, सागर, सतना, शहडोल, अनूपपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि तीन जिलों में ही तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
प्रदेश में अब तक 20% बारिश कम
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 17.2 इंच बारिश हुई है, जबकि औसत 21.5 इंच होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 20% बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से में 23% और पश्चिमी हिस्से में 18% बारिश की कमी दर्ज की गई है।
50 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के 50 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में 5 से 49% तक बारिश कम हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
सिर्फ 5 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD के आंकड़ों के मुताबिक ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में ही औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है।
जून-जुलाई में भी बारिश का आंकड़ा कम
जून में प्रदेश में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई में कुछ दिनों तक तेज बारिश के बाद मानसून ने ब्रेक लिया। आखिरी सप्ताह में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ, लेकिन इसके बावजूद जुलाई में बारिश का आंकड़ा करीब 13% कम रहा। प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37.3 इंच है।