हरदा – जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक 103 वर्ष पुराने डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की हालत बेहद चिंताजनक हो गई है। हाल ही में आई तेज आंधी और तूफान के कारण विद्यालय की छत का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर उड़ गया, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े
वर्तमान में जारी मानसूनी बारिश के बीच छात्र-छात्राएं टपकती छत और संभावित खतरे के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कक्षाओं के अंदर पानी टपकने की स्थिति बनी हुई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभागीय टीम ने मौके का दौरा भी किया, लेकिन यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया और धरातल पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हो सका।
PWD भी बजट की कमी का हवाला दे रहा
सूत्रों के अनुसार, इस स्थिति के पीछे सबसे बड़ी वजह फंड की कमी बताई जा रही है। शिक्षा विभाग का कहना है कि उनके पास इतने बड़े मरम्मत कार्य के लिए कोई आपातकालीन बजट उपलब्ध नहीं है, वहीं PWD भी बजट की कमी का हवाला दे रहा है।
दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी और बजट को लेकर चल रही खींचतान का सीधा असर स्कूल के बच्चों पर पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी खुलकर बयान देने को तैयार नहीं है।
अधिकारियों की यह चुप्पी और लापरवाही बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल रही है, जबकि अभिभावकों में भी लगातार चिंता बढ़ती जा रही है।