मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। जहां बीजेपी खुद को पूरी तरह तैयार बता रही है, वहीं कांग्रेस अगले दो दिनों में अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है।
भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा हमेशा चुनावी मोड में रहती है। बूथ, मंडल और जिला स्तर पर नियमित बैठकें होती हैं, इसलिए किसी भी उपचुनाव के लिए अलग से विशेष तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा।
अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा
पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की संभावित उम्मीदवारी पर पूछे गए सवाल के जवाब में खंडेलवाल ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और दतिया से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश नेतृत्व केंद्रीय नेतृत्व को संभावित उम्मीदवारों का पैनल भेजेगा और अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
अयोध्या पदयात्रा पर निशाना साधा
इस दौरान हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित महाकाल से अयोध्या पदयात्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और कांग्रेस ने हमेशा देश की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है।
नामों पर भी विचार किया जा रहा
दूसरी ओर कांग्रेस भी दतिया उपचुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया दौरे के बाद स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से विस्तृत चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस 7 जुलाई तक अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है। टिकट की दौड़ में वरिष्ठ नेता राजेंद्र भारती की पत्नी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। वहीं उनके बेटे, अवधेश नायक और घनश्याम सिंह के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि दोनों प्रमुख दल किस उम्मीदवार पर दांव लगाते हैं और दतिया का यह उपचुनाव किस दिशा में राजनीतिक समीकरण बदलता है।