मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद जिले में भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है। टिकट बदलने से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का विरोध प्रदर्शन शनिवार तड़के उग्र हो गया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
हाईवे पर चक्काजाम और पुलिस से झड़प
नाराज प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे पर करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबा चक्काजाम कर दिया, जिससे सैकड़ों यात्री और ट्रक चालक घंटों भूखे-प्यासे फंसे रहे। शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे बड़ौनकलां में स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके जवाब में हुए पथराव में दतिया एसपी और एसडीओपी (SDOP) समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और एक गाड़ी को पलट दिया।
सामूहिक इस्तीफे और राजनीतिक संकट
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के विरोध में भाजपा के भीतर भी बगावत शुरू हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण, नगर मंत्री, कोषाध्यक्ष और कई पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। 500 से अधिक कार्यकर्ता और महिलाएं रातभर डबरा के हरिपुर तिराहे और सड़कों पर डटे रहे। एहतियातन पुलिस ने दतिया भाजपा कार्यालय के बाहर कड़ी सुरक्षा कर करीब 250 कार्यकर्ताओं को अंदर ही रोक दिया है।
प्रत्याशी बोले- नरोत्तम जी हमारे अभिभावक
डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार उपचुनाव की तैयारियों में जुटे थे और उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था। इस बीच नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी को वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे और डॉ. मिश्रा उनके अभिभावक हैं, जिन्होंने उन्हें फोन कर बधाई भी दी है। फिलहाल, पुलिस ने हाईवे का ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है और पुलिस मुख्यालय (PHQ) से अतिरिक्त बल की मांग की गई है।