मध्यप्रदेश में कफ सिरप बनाने वाली 32 कंपनियों की जांच जारी

cough-syrup-companies-investigation-mp-child-deaths

मध्यप्रदेश में कफ सिरप बनाने वाली 32 कंपनियों की जांच जारी

मध्यप्रदेश में कफ सिरप बनाने वाली 32 कंपनियों की जांच जारी

Cough Syrup Companies Investigation : मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने कफ सिरप बनाने वाली 32 कंपनियों की जांच शुरू की है। इन जांचों में 7 कंपनियों में खामियां पाई गई हैं, जिनमें से 5 कंपनियों के उत्पादों पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई राज्य में बच्चों की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य और औषधि विभाग द्वारा की गई सख्त प्रतिक्रिया का हिस्सा है।

कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत

छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप पीने से कम से कम 22 बच्चों की मौत हुई है। यह सिरप तमिलनाडु की एक कंपनी द्वारा निर्मित था, जिसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक खतरनाक रसायन पाया गया। इस विषाक्त पदार्थ ने बच्चों की किडनी और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाया, जिससे उनकी जानें चली गईं। इस गंभीर घटना ने पूरे प्रदेश में दवा नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। READ MORE : जनजातीय गौरव दिवस,सीएम विष्णु देव साय कार्यक्रम में शिरकत करेंगे

जांच और प्रतिबंध

स्वास्थ्य विभाग ने 32 कंपनियों की कड़ाई से जांच शुरू की, जिनमें से 7 में नियमों का उल्लंघन पाया गया। विशेष रूप से 5 कंपनियों के सिरप उत्पादों का बिक्री और उत्पादन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। तमिलनाडु की इस कफ सिरप निर्माता कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

सरकारी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने संदिग्ध कंपनियों और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। औषधि नियंत्रक का भी तबादला किया गया है जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से हो सके।

सामाजिक प्रतिक्रिया और मांगें

इस संकट के बाद प्रदेश में विपक्ष सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने दवा नियंत्रण में सख्ती और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही की मांग की है। कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दलों ने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है और दोषी कारखानों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की है।

भविष्य के लिए सतर्कता

प्रशासन ने कहा है कि ऐसे हादसों को दोहराने से रोकने के लिए दवा निर्माण, परीक्षण और बिक्री की प्रक्रिया में कड़ा निगरानी प्रावधान किए जाएंगे। जनता से भी सावधानी बरतने और निश्चयित लाइसेंसधारी और मान्यता प्राप्त कंपनियों के उत्पादों का प्रयोग करने का आह्वान किया गया है। मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के दर्दनाक मामले ने स्वास्थ्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण प्रणाली की जरूरत को एक बार फिर सामने रख दिया है, और इससे निपटने के लिए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।​    

संबंधित सामग्री

आज का राशिफल 23 जुलाई 2026: मेष से मीन तक जानें किसका दिन रहेगा शानदार

सनातन

आज का राशिफल 23 जुलाई 2026: मेष से मीन तक जानें किसका दिन रहेगा शानदार

23 जुलाई 2026 राशिफल: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का राशिफल, नौकरी, व्यापार, प्रेम, शिक्षा और सफलता से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत

मध्य प्रदेश में अशोक वर्णवाल नए मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त

राज्य

मध्य प्रदेश में अशोक वर्णवाल नए मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को दी बधाई। वर्णवाल पहले कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवा दे चुके हैं।

सीएम डॉ. मोहन ने किया इंटरनेशनल क्रिकेटर क्रांति का सम्मान, कहा- &quotहमारी बेटियां किसी से कम नहीं&quot

राज्य

सीएम डॉ. मोहन ने किया इंटरनेशनल क्रिकेटर क्रांति का सम्मान, कहा- "हमारी बेटियां किसी से कम नहीं"

मध्यप्रदेश की क्रिकेटर क्रांति गौड़ को लॉर्ड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने 5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की।

किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सीएम डॉ. मोहन, कृषि यंत्रों के निर्माण में आत्मनिर्भर हो रहा एमपी

राज्य

किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सीएम डॉ. मोहन, कृषि यंत्रों के निर्माण में आत्मनिर्भर हो रहा एमपी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की सुविधा के लिए हर विधानसभा में कृषि यंत्र किराया शॉप्स खोलने की तैयारी कर रहे हैं।

सीएम डॉ. यादव 23 को आलीराजपुर में, बलराम कृषि महोत्सव में होंगे शामिल, देंगे करोड़ों की सौगात

राज्य

सीएम डॉ. यादव 23 को आलीराजपुर में, बलराम कृषि महोत्सव में होंगे शामिल, देंगे करोड़ों की सौगात

मध्यप्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव के आयोजन की घोषणा, किसानों के लिए नवाचार और तकनीकी जानकारी पर जोर।