मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार इस फिल्म को टैक्स फ्री करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे संगठन के लोगों के साथ मिलकर फिल्म देखने जाएंगे और फिल्म देखने के बाद ही इसे टैक्स फ्री करने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार के फैसले पर अब फिल्म देखने के बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल सरकार की ओर से टैक्स फ्री किए जाने की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर CM साय का सख्त बयान, दोषी पाए गए तो होगी कार्रवाई
चांपा में एक युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर उम्मीद बढ़ी है। पुलिस हिरासत में मौत का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब जांच के आधार पर यह तय होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और उसके खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टरों के साथ बैठक में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर दिए दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टरों और अधिकारियों के साथ हुई बैठक को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इस अभियान को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। अभियान के तहत 12 अलग-अलग बिंदुओं पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से संचालित करने और जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की गई।
अधिकारियों को कार्यक्रमों के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी, सरकार का फोकस
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत होने वाले कार्यक्रमों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य बताया जा रहा है कि अभियान से जुड़े सभी कार्यक्रम व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से आयोजित किए जाएं। इसके लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों और कार्यक्रमों की निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टरों को अभियान के अलग-अलग कार्यक्रमों के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अभियान को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से पूरा करने की अपेक्षा जताई है।