उत्तराखंड की नगर निकाय राजनीति में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो गई है। श्रीनगर नगर निगम की निर्दलीय महापौर आरती भंडारी ने बुधवार को अपने पति लखपत भंडारी और 10 पार्षदों के साथ भाजपा की सदस्यता ले ली। इनमें कांग्रेस के दो पार्षद भी शामिल हैं।आरती भंडारी के भाजपा में लौटने के साथ ही प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में अब भाजपा के महापौर हो गए हैं। इसे विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी की शहरी राजनीति के लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
आरती भंडारी की भाजपा में वापसी
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट तथा कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया।महेंद्र भट्ट ने कहा कि आरती भंडारी और उनके पति लखपत भंडारी भाजपा से अलग होने के बावजूद पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए दोनों का दोबारा भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।उनके मुताबिक, महापौर के साथ 10 पार्षदों के भाजपा में आने से श्रीनगर में संगठन को मजबूती मिलेगी।
श्रीनगर में 'ट्रिपल इंजन' सरकार की बात
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर में अब 'ट्रिपल इंजन' सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही श्रीनगर में प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें अन्य लोगों को भी भाजपा में शामिल कराया जाएगा।पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले श्रीनगर क्षेत्र में करीब एक हजार नए लोगों को भाजपा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही श्रीनगर नगर निगम में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।सरकार की ओर से शहर में 72 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने की योजना शुरू किए जाने का भी जिक्र किया गया।
महापौर बोलीं- विचारधारा पहले भी भाजपा के साथ थी
भाजपा में शामिल होने के बाद आरती भंडारी ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उनकी विचारधारा पहले भी एक थी और आज भी वही है।आरती भंडारी के मुताबिक, नगर निगम चुनाव के दौरान परिस्थितियों के कारण उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा था, लेकिन उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता भाजपा के साथ बनी रही। उन्होंने कहा कि भाजपा सनातन धर्म और संस्कृति को केंद्र में रखकर काम करती है और यही उनकी मूल भावना के अनुरूप है।उन्होंने भाजपा में दोबारा शामिल होने को खुशी और गर्व का अवसर बताया।