बिहार की सभी पंचायतों में पंचायत विकास शिविर का आयोजन किया गया। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड के भूना गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए।
पंचायत विकास शिविर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब बिहार समृद्ध होगा। बिहार की तरक्की गांवों और पंचायतों के विकास से ही संभव है। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने हर महीने के अंतिम रविवार को सभी पंचायतों में पंचायत विकास शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है।
हर महीने लगेगा शिविर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड के भूना गांव में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत विकास शिविरों में विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, बच्चों के उत्थान, जल प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, खाद्यान्न उत्पादन और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर बात की जाएगी। साथ ही लंबित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी।

पहले और तीसरे मंगलवार लगेंगे शिविर
मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर नियमित शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर और अंतिम रविवार को पंचायत विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 4 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से साढ़े 3 लाख आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है।
अधिकारियों को चेतावनी
CM चौधरी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी नागरिक का काम 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को 31वें दिन निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जवाबदेही के साथ काम कर रही है और लोगों को समय पर सुविधाएं मिलना जरूरी है। CM ने घोषणा की कि टेटिया बंबर बिहार का पहला ऐसा प्रखंड होगा, जहां 2 डिग्री कॉलेज संचालित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया।