बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है। दिल्ली में आयोजित द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में उन्होंने कहा कि सरकार अगले चार वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था को चार गुना करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने इसके लिए ‘बिल्ड बिहार, बिलिव इन बिहार’ का विजन सामने रखा।
उद्योग और निवेश पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े जरूरी काम बड़े स्तर पर किए जा चुके हैं। अब सरकार का फोकस उद्योग, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर है। इसके लिए नई नीतियां तैयार की गई हैं, ताकि देश और विदेश के निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
गंगा किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
सम्राट चौधरी ने बताया कि गंगा, गंडक और कोसी नदियों के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। सरकार इन क्षेत्रों को उद्योग, शिक्षा और रोजगार के नए केंद्रों के रूप में विकसित करना चाहती है।
सेमीकंडक्टर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं। सरकार उद्योगों को जमीन, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
रोजगार के नए अवसर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध है। राज्य की युवा आबादी और तेजी से टेक्नोलॉजी अपनाने की क्षमता को विकास का आधार बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उद्योगों को आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है।
‘बिल्ड बिहार, बिलिव इन बिहार’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक बिहार विकास की दौड़ में पीछे रहा, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। सरकार सुशासन, निवेश और आधारभूत ढांचे को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ‘बिल्ड बिहार, बिलिव इन बिहार’ की सोच के साथ राज्य को निवेश और उद्योग के लिए मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में काम जारी है।