भोपाल के ऐशबाग स्थित अंबेडकर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती की सनसनीखेज हत्या के मामले में जांच कर रही एसआईटी को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं, जो वारदात के बाद मकान की पिछली गली से निकलते नजर आए। हालांकि फुटेज धुंधली होने के कारण संदिग्धों के चेहरे स्पष्ट नहीं दिख रहे हैं। इसलिए तस्वीरों को हाई-रिजॉल्यूशन में स्पष्ट कराने के लिए दिल्ली की एक विशेषज्ञ कंपनी को भेजा गया है। तस्वीरें साफ होने के बाद पुलिस पोस्टर जारी कर उनकी पहचान कराने की कोशिश करेगी।
हत्या दो दिन पहले की गई थी
पुलिस के अनुसार दोनों संदिग्ध काले रंग के रेनकोट और चप्पल पहने हुए थे। उनकी उम्र करीब 30 से 38 वर्ष के बीच बताई जा रही है। एक आरोपी की मूंछ भी दिखाई दे रही है। शुरुआती जांच में दोनों स्थानीय निवासी नहीं लग रहे हैं। वारदात के बाद वे ऐशबाग से रेलवे पटरी के रास्ते एमपी नगर स्थित अर्जुन नगर झुग्गी बस्ती तक पहुंचे, लेकिन उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
कनपटी और गले में गोलियां मारी गई थीं
यह वारदात 24 जून की रात हुई थी, जबकि 26 जून को रेलवे से सेवानिवृत्त हेमंत फिलेमोन (70) और उनकी पत्नी, सेवानिवृत्त नर्स शकुंतला फिलेमोन (70) के शव घर में मिले थे। दोनों को बेहद करीब से सिर, कनपटी और गले में गोलियां मारी गई थीं। फोरेंसिक जांच में स्पष्ट हुआ कि हत्या दो दिन पहले की गई थी।
घर के सामान को भी हाथ नहीं लगाया
जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्यारे पेशेवर थे। उन्होंने घटनास्थल पर कोई फिंगरप्रिंट या अन्य महत्वपूर्ण सबूत नहीं छोड़ा और घर के सामान को भी हाथ नहीं लगाया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को इलाके की गलियों की पूरी जानकारी थी, जिससे आशंका है कि उन्होंने पहले रेकी की थी।
दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके
एसआईटी ने पुलिस पोर्टल, नेफिस डेटाबेस और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड से भी संदिग्धों का मिलान किया, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। अब तस्वीरें स्पष्ट होने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की पुलिस के साथ साझा किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। जांच लगातार जारी है।