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bhopal: जाते-जाते बचा गया तीन जिंदगिया, ऑटो ड्राइवर की गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विदाई

By : Narendra Singh
bhopal: जाते-जाते बचा गया तीन जिंदगिया, ऑटो ड्राइवर की गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विदाई
bhopal auto driver : भोपाल एम्स के तीन ऑपरेशन थिएटरों में रविवार सुबह 4 बजे एक साथ जीवन और मृत्यु की अनोखी कहानी सामने आई। एक ओटी में डॉक्टरों ने 37 वर्षीय युवक से दिल और किडनी निकाली, जबकि दूसरे ओटी में इन अंगों से तीन मरीजों की उम्मीद और जिंदगी लौट आई।

युवक का ब्रेन डेड होना और अंगदान का फैसला

अंगदान करने वाले युवक के भाई भारत पाटिल ने बताया कि, मेरा भाई सोते समय बेड से गिरा था। जिससे उसके सिर पर चोट आई। हम उसे लेकर 21 अक्टूबर को सीधे एम्स आए थे। लंबे इलाज के बाद डॉक्टर ने बताया कि वे ब्रेन डेड हो चुके हैं। हमारे पूरे परिवार ने तय किया कि हमारा भाई तो नहीं बच सकता लेकिन वो जाते जाते तीन लोगों को नया जीवन और किसी के जीवन में रोशनी भरने का काम कर सकता है। इस लिए हमने डॉक्टरों की सलाह अंगदान के लिए मंजूरी दी।

एम्स में दूसरी बार तीन लोगों की जिंदगी बचाई गई

एम्स भोपाल में यह दूसरी बार है जब एक ब्रेन डेड मरीज तीन लोगों की जिंदगी बचाने का जरिया बना। डॉक्टरों की टीम पूरी रात से तैयारी में जुटी रही। अब एक दिल 40 साल की महिला के सीने में धड़क रहा और दो किडनियों से अलग-अलग मरीजों को नई जिंदगी मिला। एक किडनी एम्स भोपाल और दूसरी किडनी एक निजी अस्पताल को भेजी गई। निजी अस्पताल तक किडनी पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया। जिससे ट्रैफिक रोके बिना ऑर्गन को सुरक्षित समय में पहुंचाया गया।

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई विदाई

गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई विदाई एम्स भोपाल में अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।एक साथ हुआ हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट एम्स में ही दूसरी तरफ दो ऑपरेशन थिएटर में दो मेजर सर्जरी हुईं। एक मरीज में हार्ट ट्रांसप्लांट किया तो वहीं दूसरे मरीज में किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया की गई । वहीं, एक किडनी ट्रांसप्लांट बंसल अस्पताल भेजी गई। Read More:- Best life changing habits: ज़िंदगी को आसान बनाने वाले 5 छोटे बदलाव जो आपकी सोच ही बदल देंगे.

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