भरतपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृहक्षेत्र भरतपुर में निकाय चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद और नेताओं के बीच तालमेल की कमी को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच वार्ड 19 से मनोज सिंह के भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने की खबर ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है। भरतपुर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। मुख्यमंत्री का गृहक्षेत्र होने के कारण यहां होने वाला निकाय चुनाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
मनोज सिंह BJP में
31 अगस्त को नामांकन के दौरान वार्ड 19 में मनोज सिंह को लेकर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा और कांग्रेस, दोनों की ओर से सिंबल मिला था। हालांकि, मनोज सिंह ने आखिरकार भाजपा के साथ जाने का फैसला किया। मनोज सिंह कांग्रेस संगठन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वह दो बार पार्षद पद का चुनाव जीत चुके हैं। ऐसे में उनका भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
मेयर पर सस्पेंस
भरतपुर में मेयर पद को लेकर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने अब तक अपने मेयर पद के उम्मीदवार का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। कांग्रेस के सामने इस चुनाव में एक मजबूत चेहरे की कमी भी चुनौती बनी हुई है। वहीं भाजपा खेमे में रुपिंदर सिंह और बृजेश अग्रवाल जैसे नामों की चर्चा है। बताया जाता है कि दोनों के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अच्छे संबंध हैं।
रूपबास में BJP आगे
भरतपुर की रूपबास नगर पालिका में भी दोनों दलों की चुनावी तैयारियों में अंतर नजर आ रहा है। यहां कुल 25 वार्ड हैं। भाजपा ने सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि कांग्रेस सिर्फ 9 वार्डों में उम्मीदवार मैदान में उतार पाई है। प्रत्याशियों की यह संख्या स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर रही है। वहीं भाजपा की सक्रियता को उसके मजबूत चुनावी प्लान के तौर पर देखा जा रहा है।
मुकाबला दिलचस्प
मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र में निकाय चुनाव होने के कारण भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए यह चुनाव अहम है। मनोज सिंह के भाजपा में जाने और रूपबास में भाजपा के सभी वार्डों में प्रत्याशी उतारने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस अपने संगठन को कितना मजबूत कर पाती है और भाजपा इस सियासी बढ़त को चुनावी जीत में बदल पाती है या नहीं।