मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के ‘पर्चे’ को लेकर एक दंपती ने सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर निवासी राजेंद्र श्रीवास का दावा है कि वर्ष 2024 में बागेश्वर धाम में बनाए गए पर्चे में उनकी पत्नी के लिए ‘पुत्र योग’ बनने की बात लिखी गई थी। हालांकि, 11 जून को उनके घर चौथी बेटी का जन्म हुआ।

2024 में पहुंचे थे बागेश्वर धाम
राजेंद्र श्रीवास के मुताबिक, वह वर्ष 2024 में पत्नी की मानसिक और शारीरिक परेशानियों को लेकर बागेश्वर धाम गए थे। कई बार धाम जाने के बाद मई 2024 में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका पर्चा बनाया। राजेंद्र का दावा है कि पर्चे में पत्नी को वर्ष 2019 से ‘प्रेत बाधा’ होने और आगे ‘पुत्र योग’ बनने की बात लिखी गई थी। उस समय दंपती की तीन बेटियां थीं और उनका आगे बच्चा प्लान करने का इरादा नहीं था।
‘पुत्र योग’ से जगी उम्मीद
राजेंद्र के अनुसार, पर्चे में ‘पुत्र योग’ लिखा देखकर उनके मन में बेटे को लेकर उम्मीद जगी। उन्होंने दोबारा अर्जी लगाकर आगे की आज्ञा मांगी, जिसके बाद उनके मुताबिक पर्चे पर ‘राम जय जय’ लिखा गया। राजेंद्र का कहना है कि उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा था, लेकिन पर्चे में अपनी तरफ से ‘पुत्र योग बनेगा’ लिखे जाने के बाद उन्हें इस दावे पर भरोसा हो गया।
11 जून को बेटी का जन्म
राजेंद्र ने बताया कि 11 जून को उनकी पत्नी ने चौथी बेटी को जन्म दिया। उनके मुताबिक, इस घटना के बाद उन्हें निराशा हुई। करीब तीन महीने बाद दंपती दोबारा बागेश्वर धाम पहुंचे। उनका कहना था कि वे जानना चाहते थे कि पर्चे में लिखी बात गलत कैसे निकली।
दंपती ने बताई मुलाकात
राजेंद्र के अनुसार, धाम पहुंचने पर नामकरण के लिए श्रद्धालुओं को ऊपर बुलाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से पूछा कि पर्चे में ‘पुत्र योग’ लिखा था, लेकिन उनके घर बेटी हुई है। राजेंद्र का दावा है कि पर्चा देखने के बाद कथित तौर पर उन्हें ‘गलती है ये’ कहा गया। इसके बाद वहां मौजूद सेवकों ने उन्हें भीड़ न लगाने और नीचे जाने के लिए कहा।
‘किसी धर्म के खिलाफ नहीं’
राजेंद्र श्रीवास का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धर्म या भगवान के खिलाफ बोलना नहीं है। उनका दावा है कि उन्होंने अपने अनुभव को इसलिए सामने रखा, ताकि लोग किसी भी तरह के दावे पर आंख बंद करके विश्वास करने के बजाय तथ्यों को समझें। उन्होंने इस मामले को लेकर ‘अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ से भी संपर्क किया है और अपने अनुभव के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाने की अपील की है।
दूसरे पक्ष का जवाब बाकी
फिलहाल इस मामले में दंपती की ओर से किए गए दावे और उनका अनुभव ही सामने आया है। बागेश्वर धाम या पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही उनका पक्ष स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए पर्चे में लिखे दावे और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले दोनों पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।