लंदन मैराथन में बने नए रिकॉर्ड्स, सेबेस्टियन सावे ने रचा इतिहास

रिकॉर्ड तोड़ लंदन मैराथन

लंदन मैराथन में बने नए रिकॉर्ड्स, सेबेस्टियन सावे ने रचा इतिहास

लंदन मैराथन में सेबेस्टियन सावे और योमिफ केजेलचा ने 2 घंटे से कम समय में मैराथन पूरी की, नए विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिए गए।

लंदन मैराथन में बने नए रिकॉर्ड्स सेबेस्टियन सावे ने रचा इतिहास

लंदन मैराथन में बने नए रिकॉर्ड्स, सेबेस्टियन सावे ने रचा इतिहास |

London Marathon 2026: रविवार को लंदन मैराथन में 2 धावको ने इतिहास रच दिया गया, उन दोनों ने 42.195 किलोमीटर की दूरी 2 घंटे से कम समय में पूरी कर ली। यह वो उपलब्धि थी, जिसे कभी असंभव माना जाता था। 

केन्या के सेबेस्टियन सावे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1 घंटा 59 मिनट 30 सेकंड का समय निकालकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं इथियोपिया के योमिफ केजेलचा 1 घंटा 59 मिनट 41 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इससे पहले यह रिकॉर्ड केन्या के केल्विन किप्टुम (2:00:35) के नाम था।

1 घंटा 54 मिनट तक पहुंच सकता है रिकॉर्ड!

ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर साइमन एंगस का कहना है कि यह रिकॉर्ड भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा। उनका अनुमान है कि फ्यूचर में पुरुषों का मैराथन रिकॉर्ड 1 घंटा 54 मिनट तक पहुंच सकता है। यानी मौजूदा रिकॉर्ड से करीब 5 मिनट 30 सेकंड की और तेजी संभव है।

प्रोफेसर एंगस पिछले कई वर्षों से मैराथन रिकॉर्ड्स का गहन अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने साल 2019 में अनुमान लगाया था कि 2 घंटे का बैरियर 2032 तक टूटेगा, जिसे बाद में उन्होंने 2027 तक संशोधित कर दिया। लेकिन लंदन मैराथन ने उनकी भविष्यवाणी को भी पीछे छोड़ दिया।

बेहतर तकनीक और सुविधाएं

प्रोफेसर एंगस कहते हैं, “आज के एथलीट्स बेहतर ट्रेनिंग, उन्नत जूतों के डिजाइन, हल्के और एयरोडायनामिक कपड़ों के मैटेरियल, बेहतर पोषण और आधुनिक टेक्निक का फायदा उठा रहे हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में और सुधार से मैराथन की रफ्तार में और इजाफा होगा।”

हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि डोपिंग पर सख्त नियंत्रण बनाए रखना बेहद जरूरी होगा, ताकि खेल की निष्पक्षता बनी रहे।

महिलाओं में भी नया रिकॉर्ड

महिलाओं की दौड़ में भी इतिहास बना। इथियोपिया की टिग्स्ट असेफा ने 2 घंटा 15 मिनट 41 सेकंड का समय निकालकर ‘वुमेंस-ओनली’ मैराथन में नया रिकॉर्ड बनाया। 

प्रोफेसर एंगस का मानना है कि- 'महिलाओं का यह रिकॉर्ड भी भविष्य में 2 घंटा 10 मिनट तक पहुंच सकता है।'

क्या कहते हैं एंगस?

“जैसे-जैसे रिकॉर्ड बेहतर होते जाते हैं, उन्हें तोड़ना मुश्किल होता जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे फिटनेस सुधारने में शुरुआत में तेज प्रगति होती है, लेकिन बाद में हर सेकंड सुधारने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।” 

लंदन मैराथन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खेल में “नामुमकिन” शब्द अब धीरे-धीरे गायब हो रहा है। हर नया रिकॉर्ड नई उम्मीद जगाता है और यह सफर अभी जारी रहेगा।


 

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