हाथ से लिखा करीब 230 शब्दों का एक नोट और उसमें छिपी 20 साल लंबे सफर की भावुक विदाई। फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। सोमवार को सोशल मीडिया पर उन्होंने अपने हाथ से लिखे नोट के जरिए अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से विदाई की जानकारी दी। मेसी का यह फैसला सिर्फ इंटरनेशनल फुटबॉल छोड़ने का ऐलान नहीं है। यह उस सफर का आखिरी अध्याय भी है, जिसकी शुरुआत 2005 में अर्जेंटीना की जर्सी पहनकर हुई थी। इसी जर्सी के साथ उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे और आखिरकार टीम को उन बड़ी ट्रॉफियों तक पहुंचाया, जिनका इंतजार अर्जेंटीना लंबे समय से कर रहा था। अपने नोट में मेसी ने लिखा कि उन्होंने इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ दे दिया और अब देने के लिए कुछ बाकी नहीं बचा है।
अचानक नहीं लिया संन्यास का फैसला
39 साल के मेसी का यह फैसला भले ही फैंस के लिए अचानक आया हो, लेकिन उनके मुताबिक उन्होंने इसके बारे में पहले ही सोचना शुरू कर दिया था। वर्ल्ड कप फाइनल के दो दिन बाद, 21 जुलाई को उन्होंने संन्यास का फैसला लिखकर रख लिया था। इस मुकाबले में अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। यही मैच मेसी का राष्ट्रीय टीम के लिए आखिरी मुकाबला भी रहा। मेसी ने अपने नोट में माना कि मैदान से दूर होना उनके लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल से हटने का विचार उन्हें भीतर तक तकलीफ देता है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यही सही समय है।
‘नेशनल टीम का चैप्टर अब खत्म हो रहा है’
मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए लिखा कि समय अब कम बचा है और हर चैप्टर का एक अंत होता है। उनके लिए राष्ट्रीय टीम का चैप्टर भी अब खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की टीम का हिस्सा बनना उन्हें हमेशा पसंद रहा है और आगे भी यह एहसास उनके दिल में रहेगा। अपने संदेश की सबसे भावुक लाइन में मेसी ने कहा कि उन्होंने अपने पास मौजूद सब कुछ टीम को दे दिया है। अब उनके पास देने के लिए कुछ और नहीं बचा है। उन्होंने राष्ट्रीय टीम में जगह बना रहे युवा खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि ये खिलाड़ी अर्जेंटीना की जर्सी पहनने के हकदार हैं।
पिता की मौत के बाद भविष्य पर सवाल
मेसी के संन्यास के फैसले के पीछे उनकी निजी जिंदगी का मुश्किल दौर भी अहम रहा। उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर अनिश्चितता जाहिर की थी। पिता के निधन के बाद मेसी ने संकेत दिया था कि उन्हें नहीं पता कि वह अर्जेंटीना के लिए कितने समय तक और खेल पाएंगे। वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ फाइनल के बाद भी उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर बात की थी। मेसी ने कहा था कि उनके पैर उनका साथ नहीं दे रहे थे। उन्होंने अपनी शारीरिक सीमाओं से आगे जाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इस बार वह ऐसा नहीं कर पाए। यहीं से यह साफ होने लगा था कि अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का सफर अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है।
‘मैदान से आपकी आवाज बहुत याद आएगी’
मेसी ने अपने फैंस को भी भावुक अंदाज में धन्यवाद दिया। उन्होंने करीब दो दशक तक मिले प्यार और समर्थन के लिए प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान से फैंस की आवाज सुनना बहुत याद आएगा। अब वह मैदान के बाहर से टीम का समर्थन करेंगे—अच्छे समय में भी और खासकर मुश्किल दौर में भी। मेसी ने अपने परिवार, कोच, साथी खिलाड़ियों और अधिकारियों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस लंबे सफर से वह ऐसी यादें और पल अपने साथ लेकर जा रहे हैं, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएंगे।
2005 में शुरू हुआ सफर
मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद करीब दो दशक तक उन्होंने राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया। वह अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उनके करियर का सबसे यादगार पड़ाव 2022 का कतर वर्ल्ड कप रहा। मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर विश्व कप अपने नाम किया। इसके साथ ही टीम ने 36 साल बाद वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती। इससे पहले 2021 में भी मेसी ने अर्जेंटीना को कोपा अमेरिका चैंपियन बनाया था। इस खिताब के साथ टीम का 28 साल लंबा ट्रॉफी का इंतजार खत्म हुआ था।