Shane Warne Family Earn 450 Crore: IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की हालिया डील के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न के परिवार को करीब 450 से 460 करोड़ रुपए मिल सकते है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 साल पहले वॉर्न ने राजस्थान रॉयल फ्रेंचाइजी से एक कॉन्ट्रैक्ट किया था, जिसके चलते अब वॉर्न के परिवार को करीब 450 से 460 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
15,000 करोड़ से ज्यादा में बिकी फ्रेंचाइजी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स को अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी ने लगभग 1.63 अरब डॉलर (करीब 15,300 करोड़ रुपये) में खरीदा है। इस डील के बाद फ्रेंचाइजी की वैल्यू में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

वैल्यू में जबरदस्त उछाल
2008 में फ्रेंचाइजी की कीमत करीब 6.7 करोड़ डॉलर थी, लेकिन अब 2026 में फ्रेंचाइजी की कीमत 1.63 अरब डॉलर हो गई।
2008 में राजस्थान के साथ वॉर्न की हुई थी डील
इंडियन प्रीमियर लीग के पहले सीजन में जब शेन वॉर्न राजस्थान टीम से जुड़े तो उन्हें टीम का कप्तान बनाया गया, इतना ही नहीं, बल्कि क्रिकेट संचालन से जुड़े कई फैसलों की जिम्मेदारी भी वॉर्न को दी गई। इस दौरान क्रिकेटर ने सैलरी के साथ फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे मैनेजमेंट ने स्वीकार कर लिया था।

इतने प्रतिशत मिला था हिस्सा
शेन वॉर्न को हर सीजन में खेलने के लिए हर साल करीब 657000 डॉलर की सैलरी और 0.75 प्रतिशत का मालिकाना हिस्सा भी दिया गया था। वॉर्न ने राजस्थान टीम के लिए चार सीजन खेले, जिसके बाद उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 3 प्रतिशत तक पहुंच गई।
बता दें कि, शेन वॉर्न का 52 साल की उम्र में 4 मार्च 2022 को निधन हो गया था।
2008 में दिलाया था पहला खिताब
शेन वॉर्न ने 2008 से 2011 तक राजस्थान रॉयल्स के लिए खेला और टीम की कप्तानी भी की। उनकी कप्तानी में टीम ने 2008 में IPL का पहला खिताब जीता, जो आज भी फ्रेंचाइजी के इतिहास का सबसे यादगार पल माना जाता है। इस दौरान वॉर्न ने 55 मैचों में 57 विकेट भी अपने नाम किए।

सूत्रों के मुताबिक, IPL 2026 सीजन के बाद वॉर्न के परिवार को अपने शेयर बेचने का मौका मिल सकता है। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया के लिए BCCI की मंजूरी जरूरी होगी।

शेन वॉर्न ने डील का किया था खुलासा
वॉर्न ने एक इंटरव्यू के दौरान ने बताया कि- ‘मेरी डील का एक हिस्सा यह था. उन्होंने मुझसे कप्तान और कोच बनने को कहा और यह भी कि मैं क्रिकेट टीम को अपनी मर्जी से चलाऊं। मैं ही सब कुछ था, वॉर्न ने इस फ्रेंचाइज के साथ चार सीजन बिताए और 2008 में पहले ही सीजन में टीम को चैंपियन बनाया था। इसके साथ ही फ्रेंचाइज की ओनरशिप में उनका कुल हिस्सा बढ़कर 3 फीसदी हो गया। अब जब टीम 1.63 अरब डॉलर में बिक चुकी है, तो वॉर्न का यह हिस्सा 450 से 460 करोड़ रुपये के बराबर हो जाता है।’
