बाबा महाकाल ने धारण किया गणेश जी का रूप
''भगवान के गणों के पूजन के बाद शिव परिवार का पूजन, शिव पर हरि ॐ जल अर्पण कर ध्यान और आव्हान कर भगवान का पंचाभिषेक किया गया. उसके बाद भस्म आरती एवं श्रृंगार किया गया. श्रृंगार के बाद रजत मुकुट आभूषण, वस्त्र भगवन को धारण करवाये. भगवान ने दिव्य स्वरूप में निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन दिए.'' आशीष पुजारी ने कहा, ''शिव के दर्शन करने से पापों का नाश होता है. साथ ही इस माह में जो भी भक्त शिव को जलधारा, दुग्ध धारा व बैल पत्र चढ़ाता है तो उसके कई जन्मों के पाप का विनाश होता है. दर्शन का क्रम सुबह से शुरू हुआ जो रात 10:30 शयन आरती तक जारी रहेगा.बाबा महाकाल की निकलेगी सवारी
आज शाम 4 बजे बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर रहेंगे. आज लोक नृत्य कलाकार, बीएसएफ, एमपी पुलिस, स्कूल, स्काउट गाइड, निजी बैंड की विशेष प्रस्तुति होगी. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत व अन्य आज सवारी में शामिल होंगे. साथ ही रात 12 बजे से 24 घण्टे के लिए 29 जुलाई रात 12 बजे तक के लिए श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के शिखर पर विराजमान श्री नागचंद्रेश्वर और सिद्धेश्वर महादेव भक्तों को दर्शन देंगे. रात 12 बजे पट खुलते ही मंदिर के महंत महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर विनीत गिरी महाराज त्रिकाल पूजन करेंगे. त्रिकाल पूजन अलग-अलग समय में 29 जुलाई की रात 12 बजे पट बंद होने तक जारी रहेगा. 28 को श्रावण सोमवार के चलते, 29 को नागपंचमी पर्व होने के चलते इन दो दिन में लाखों भक्तों के उज्जैन पहुंचने का अनुमान लगाया गया है. बुजुर्ग, दिव्यांग व सभी श्रद्धालुओं के लिए सुगम एवं खास दर्शन व्यवस्था की गई है. [caption id="attachment_97252" align="alignnone" width="300"]
ओंकारेश्वर[/caption]