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आस्था और निष्ठा की याद दिलाता
उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को गठित यह राज्य न केवल भारत के हृदय में स्थित है, बल्कि देश के विकास मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह 70 वर्षीय यात्रा समर्पण, संकल्प और सतत् विकास की सुखद यात्रा रही है। यह दिन हमें हमारे पूर्वजों की मेहनत, उनके जज्बेा, जनभागीदारी से विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी एवं हम सभी की आस्था और निष्ठा की याद दिलाता है। [caption id="attachment_114004" align="alignnone" width="300"]
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मध्यप्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सात दशकों में मध्यप्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कभी “बीमारू” कहे जाने वाले इस राज्य ने आज कृषि, सिंचाई, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हमारा मध्यप्रदेश आज देश का “फूड बास्केट” कहलाता है, जहां अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं।“लाड़ली लक्ष्मी योजना” महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन” और “लाड़ली लक्ष्मी योजना” जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। युवाओं के लिए “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” और “स्टार्टअप मध्यप्रदेश” जैसे कार्यक्रम रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोल रहे हैं। वहीं प्रदेश में सुशासन एवं नवाचारों ने शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।