Low Platelet Count Symptoms: प्लेटलेट्स 1.5 लाख से नीचे जाएं तो हो जाएं सतर्क, करें ये उपाय...

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Low Platelet Count Symptoms: प्लेटलेट्स 1.5 लाख से नीचे जाएं तो हो जाएं सतर्क, करें ये उपाय...

low platelet count symptoms प्लेटलेट्स 15 लाख से नीचे जाएं तो हो जाएं सतर्क करें ये उपाय

Low Platelet Count Symptoms: मानव शरीर में प्लेटलेट्स (Platelets) यानी रक्त कणिकाएं खून के थक्के बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये छोटी-छोटी कोशिकाएं खून बहने से रोकती हैं और शरीर को बाहरी और आंतरिक चोटों से सुरक्षा देती हैं। Read More: Home Remedies for Dry Clean: अपनाएं ये घरेलू उपाय देंगे ड्राई क्लीन जैसी सफाई… प्लेटलेट्स की सामान्य संख्या प्रति माइक्रोलीटर खून में 1.5 लाख से 4.5 लाख के बीच होनी चाहिए। जब यह संख्या 1.5 लाख से कम हो जाती है, तो उसे थ्रोम्बोसाइटोपीनिया कहा जाता है। आज के समय में वायरल संक्रमण, डेंगू, चिकनगुनिया, टायफाइड जैसी बीमारियों के कारण प्लेटलेट्स तेजी से गिरते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि प्लेटलेट्स की कमी क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं और घरेलू नुस्खों व खानपान से कैसे इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

प्लेटलेट्स कम होने के कारण...

प्लेटलेट्स की कमी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं- 1. वायरल संक्रमण: डेंगू, चिकनगुनिया, हर्पीस, हेपेटाइटिस, HIV जैसी बीमारियां प्लेटलेट्स को तेजी से नष्ट कर देती हैं। 2. बोन मैरो की समस्या: यदि हड्डियों के अंदर मौजूद बोन मैरो प्लेटलेट्स का उत्पादन ठीक से नहीं कर पा रहा है, तो संख्या कम हो जाती है। 3. ऑटोइम्यून डिसऑर्डर: लुपस, रूमेटॉइड अर्थराइटिस जैसी बीमारियों में शरीर की इम्यून सिस्टम खुद ही प्लेटलेट्स को नुकसान पहुंचाती है। 4. कैंसर और कीमोथेरेपी: ल्यूकेमिया (blood cancer) और कीमोथेरेपी प्लेटलेट्स को तेजी से खत्म कर सकते हैं। 5. दवाओं का साइड इफेक्ट: कुछ एंटीबायोटिक्स, पेन किलर्स और थायराइड की दवाएं प्लेटलेट काउंट को प्रभावित कर सकती हैं।

प्लेटलेट्स की कमी के लक्षण...

1. शरीर पर बिना किसी वजह के नीले या बैंगनी निशान 2. नाक या मसूड़ों से बार-बार खून आना 3. अत्यधिक थकावट और कमजोरी 4. स्किन पर छोटे-छोटे लाल दाने (petechiae) 5. पेशाब या मल में खून आना 6. चोट लगने पर खून देर से रुकना अगर ये लक्षण दिखें, तो तुरंत प्लेटलेट्स की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

घरेलू उपाय जो प्लेटलेट्स बढ़ाने में करें मदद...

पपीते के पत्तों का रस...

पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय घरेलू उपाय है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में सहायक होते हैं। 2-3 ताजे पपीते के पत्तों को धोकर पीस लें और उनका रस निकालें। दिन में दो बार 2-3 चम्मच रस लें। स्वाद थोड़ा कड़वा हो सकता है, पर यह बेहद असरदार है।

गिलोय का सेवन...

गिलोय एक शक्तिशाली इम्यून बूस्टर है और वायरल संक्रमण में कारगर माना जाता है। गिलोय की डंडी को पानी में उबालकर उसका काढ़ा बनाएं और दिन में दो बार सेवन करें। यह शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है और प्लेटलेट्स को गिरने से रोकता है।

कीवी और अनार...

कीवी और अनार में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन C और आयरन होता है जो प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मदद करता है। रोजाना 1-2 कीवी खाएं या उसका जूस लें। अनार का जूस भी प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में उपयोगी है।

नारियल पानी और बकरी का दूध...

नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और शरीर को हाइड्रेट रखता है। बकरी के दूध में फोलिक एसिड और सेलेनियम जैसे तत्व होते हैं जो प्लेटलेट उत्पादन में सहायक होते हैं।

तुलसी और एलोवेरा...

तुलसी की पत्तियां और एलोवेरा का जूस इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और शरीर में वायरस को फैलने से रोकते हैं।

खानपान से प्लेटलेट्स कैसे बढ़ाएं?

1. पालक, चुकंदर, सेब और किशमिश जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थ प्लेटलेट उत्पादन में सहायक हैं। आयरन खून को बढ़ाता है और प्लेटलेट्स को मजबूत करता है। 2. चने, मूंगफली, ब्रोकली, हरी सब्जियां और अंडा फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत हैं। यह बोन मैरो में नई प्लेटलेट्स के उत्पादन में मदद करता है। 3. विटामिन C और B12 का सेवन करें और संतरा, नींबू, आंवला और अमरूद विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को एक्टिव रखते हैं। और अंडे, मछली और डेयरी प्रोडक्ट्स विटामिन B12 के स्रोत हैं।

कब जरूरी है मेडिकल ट्रीटमेंट?

यदि प्लेटलेट्स की संख्या 50,000 से कम हो जाए और साथ में खून बहने या बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल में प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की जरूरत भी पड़ सकती है। Note – उपरोक्त जानकारी विभिन्न स्त्रोतो से ली गई है, कृपया अप्लाई करने से पहले लें किसी एक्सपर्ट की सलाह।

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