सीजफायर के बीच अमेरिका ने फिर किया हमला? , होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

US-Iran Conflict: Hormuz Crisis Deepens

सीजफायर के बीच अमेरिका ने फिर किया हमला? , होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

अमेरिका ने ईरान पर फिर कार्रवाई की। ट्रम्प ने नए हमलों की चेतावनी दी, जबकि होर्मुज स्ट्रेट में 1500 जहाज फंसने से वैश्विक तेल सप्लाई और तनाव बढ़ गया।

सीजफायर के बीच अमेरिका ने फिर किया हमला  होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

AI इमेज |

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने सीजफायर जैसे माहौल के बीच उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुले तौर पर चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने समझौता नहीं किया तो अमेरिका आगे भी हमले करेगा। संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट संकट के कारण करीब 1500 जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई है।

ओमान की खाड़ी में ईरानी टैंकर पर हमले का दावा

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस TV के अनुसार, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री इलाके से गुजर रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।बताया गया कि यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहा था। ईरान ने इसे “सीजफायर उल्लंघन” बताते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। हालांकि अमेरिका की ओर से इस दावे पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ट्रम्प बोले- डील नहीं हुई तो फिर हमला 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए थे, लेकिन अमेरिकी सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया।ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरान की कई छोटी नौकाओं को तबाह कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।ट्रम्प के बयान ने यह संकेत भी दिया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बैकचैनल बातचीत जारी है, लेकिन हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

होर्मुज स्ट्रेट संकट से दुनिया की सप्लाई चेन प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने कहा कि होर्मुज संकट के चलते करीब 1500 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर लगभग 20 हजार नाविक मौजूद हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह संकट लंबा खिंचता है तो इसका असर कच्चे तेल, गैस और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। कई देशों में खाद्य और ऊर्जा संकट भी गहरा सकता है।होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां तनाव बढ़ने का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

 

प्रमुख खबरें