कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए अपने ताजा बयान में उन्होंने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।
‘हर छठा सांसद वोट चोरी से जीता’: गाँधी का दावा
राहुल गाँधी
राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा में भाजपा के 240 सांसदों में से लगभग हर छठा सांसद कथित तौर पर “वोट चोरी” के जरिए जीतकर आया है। उन्होंने कहा कि यह केवल सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बार पूरी सरकारें भी इसी तरीके से सत्ता में आ जाती हैं।
‘घुसपैठिया’ शब्द को लेकर कसा तंज
अपने बयान में राहुल गांधी ने भाजपा की ही भाषा का इस्तेमाल करते हुए सवाल उठाया कि यदि चुनावी गड़बड़ियों के आरोप सही हैं, तो क्या ऐसे सांसदों को ‘घुसपैठिया’ कहा जाना चाहिए। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की पूरी सरकार ही “घुसपैठिया” जैसी प्रतीत होती है।
चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं पर सवाल
कांग्रेस नेता ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि संस्थाओं का दुरुपयोग कर चुनावी प्रणाली को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग संस्थाओं को नियंत्रित करते हैं, उन्हें निष्पक्ष चुनाव से डर लगता है। आगे, गांधी ने यह भी कहा कि अगर देश में पूरी तरह निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं, तो भाजपा की सीटें काफी कम हो सकती हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
EVM मशीन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पहले भी उठा चुके हैं ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी ने ऐसे आरोप लगाए हैं। इससे पहले भी वे कई चुनावों के बाद मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।