लैंडस्लाइड से सिक्किम में हादसा

सिक्किम की निर्माणाधीन टनल में लैंडस्लाइड, 8 मजदूरों की मौत; 19 अब भी फंसे, मीथेन गैस से रेस्क्यू मुश्किल

सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में लैंडस्लाइड के कारण 8 मजदूरों की मौत हो गई और 19 अभी भी फंसे हुए हैं। मीथेन गैस से रेस्क्यू में दिक्कतें।

By : नरेंद्र सिंह
सिक्किम की निर्माणाधीन टनल में लैंडस्लाइड, 8 मजदूरों की मौत; 19 अब भी फंसे, मीथेन गैस से रेस्क्यू मुश्किल

Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण लैंडस्लाइड ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। मलबा गिरने से सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। हादसे में अब तक 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 19 मजदूर अब भी सुरंग के भीतर फंसे बताए जा रहे हैं।जिला प्रशासन के अनुसार हादसा दोपहर करीब 3:40 बजे मामरिंग क्षेत्र स्थित समरदुंग सुरंग में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सुरंग में कुल 27 मजदूर मौजूद थे, हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह संख्या कम या ज्यादा भी हो सकती है।

मीथेन गैस ने बढ़ाई रेस्क्यू की चुनौती

हादसे के बाद सुरंग में मीथेन गैस रिसाव की आशंका जताई गई है। गैस के कारण कई बचावकर्मियों को अंदर जाने के दौरान चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए, जिससे राहत अभियान प्रभावित हुआ।संकरी सुरंग, मलबे का बड़ा ढेर और सीमित रोशनी के कारण बचाव दल बेहद सावधानी के साथ अंदर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सभी रेस्क्यू कर्मी गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियां मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल से गैस-रोधी उपकरणों से लैस एक विशेष रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई है। प्रशासन के मुताबिक सुरंग में पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के 6 मजदूरों समेत कुल 27 लोगों के फंसे होने की आशंका है। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया है।

तीस्ता स्टेज-6 परियोजना के लिए बन रही थी सुरंग

जिस सुरंग में हादसा हुआ, वह तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस परियोजना के लिए सुरंग निर्माण का कार्य पटेल इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा किया जा रहा था।

मीथेन गैस क्यों खतरनाक होती है?

विशेषज्ञों के अनुसार मीथेन गैस स्वयं जहरीली नहीं होती, लेकिन बंद स्थानों में यह ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटा देती है। इससे दम घुटने, बेहोशी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। वहीं यदि गैस के संपर्क में चिंगारी आ जाए तो आग या विस्फोट का भी खतरा रहता है।

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