अमेरिकियों की नौकरी बचाने के लिए: H-1B वीजा के लिए ₹88 लाख वन-टाइम फीस

h1b-visa-new-fee-88-lakh-one-time-trump-american-jobs-protection-2025-hindi

अमेरिकियों की नौकरी बचाने के लिए: H-1B वीजा के लिए ₹88 लाख वन-टाइम फीस

अमेरिकियों की नौकरी बचाने के लिए h-1b वीजा के लिए ₹88 लाख वन-टाइम फीस

कंपनियों ने कर्मचारियों को 24 घंटे में वापस बुलाया, दिवाली के टिकट कैंसिल

h1b visa latest news: अगर आप अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा झटका हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को एक बड़ा फैसला लिया है—H-1B वीजा के लिए अब ₹88 लाख (1 लाख डॉलर) की वन-टाइम फीस लगेगी। यह फीस एप्लिकेशन के समय ही देनी होगी, और यह सालाना नहीं, बल्कि एक बार की फीस होगी।

लेकिन सवाल यह है कि इस फैसले का असर क्या होगा? अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या प्रभाव पड़ेगा? और क्यों कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर अमेरिका वापस बुलाया? आइए, इस पूरी कहानी को समझते हैं।

 H-1B वीजा फीस में क्या बदलाव हुआ?

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि नई फीस ₹88 लाख (1 लाख डॉलर) है, जो वन-टाइम लगेगी। यह नए वीजा आवेदकों पर लागू होगी, जो से चुने जाएंगे। पुराने वीजा होल्डर्स, रिन्युअल, या 21 सितंबर से पहले अप्लाई करने वालों पर यह नियम लागू नहीं होगा। H-1B वीजा होल्डर्स देश से बाहर जा सकते हैं और वापस आ सकते हैं—लेकिन नई फीस के कारण कंपनियों ने कर्मचारियों को जल्दी वापस बुलाया।

 ट्रम्प ने यह फैसला क्यों लिया?

व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम अमेरिकियों की नौकरियों को बचाने के लिए उठाया गया है। उनके अनुसार H-1B वीजा धारक अमेरिकी नौकरियों पर कब्जा कर रहे हैं और कम वेतन पर काम कर रहे हैं। 2003 में H-1B वीजा धारकों की हिस्सेदारी 32% थी, जो अब 65% से अधिक हो गई है। 6.1% और 7.5% है, जो अन्य क्षेत्रों से दोगुनी है। कुछ कंपनियों ने H-1B कर्मचारियों को कम सैलरी पर रखा और अमेरिकी कर्मचारियों को निकाला ट्रम्प का कहना है कि यह कदम अमेरिकी कामगारों को प्राथमिकता देने के लिए है।

 कंपनियों ने कर्मचारियों को क्यों जल्दी वापस बुलाया?

नई फीस लागू होने के बाद, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने H-1B वीजा धारक कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर अमेरिका वापस लौटने को कहा। क्यों? अगर कर्मचारी अमेरिका से बाहर होते, तो उन्हें वापस बुलाने के लिए नई फीस देनी पड़ती। दिवाली पर भारत आने का प्लान बना रहे कई लोगों ने टिकट कैंसिल कर दिए। दिल्ली और अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर लोग टिकट कैंसिल करते या जल्दी से अमेरिका जाने की कोशिश करते देखे गए।

 इस फैसले का भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर क्या असर पड़ेगा?

  • नए आवेदकों को ₹88 लाख की फीस देनी होगी, जिससे अमेरिका जाना महंगा हो जाएगा।
  • कंपनियां अब कम H-1B वीजा आवेदन कर सकती हैं, क्योंकि फीस बहुत ज्यादा है।
  • भारतीय IT कंपनियों को अमेरिका में काम करने के लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा।
  • अमेरिका में नौकरी पाना और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि कंपनियां अब अमेरिकी कर्मचारियों को प्राथमिकता देंगी।

 क्या यह फैसला स्थायी है?

हां, ट्रम्प प्रशासन ने यह फैसला स्थायी रूप से लागू किया है। हालांकि, भविष्य में अगर सरकार बदलती है, तो नियमों में बदलाव हो सकता है।

 अमेरिकी कंपनियों का क्या रुख है?

कई अमेरिकी कंपनियों ने ट्रम्प के इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि H-1B वीजा धारक अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। टेक इंडस्ट्री को विदेशी टैलेंट की जरूरत है, क्योंकि अमेरिका में कुशल कर्मचारियों की कमी है। नई फीस से कंपनियों का खर्च बढ़ेगा, जिससे वे कम विदेशी कर्मचारी रख सकेंगी।

 भारतीय कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?

अगर आप H-1B वीजा पर अमेरिका में हैं, तो अपनी कंपनी से संपर्क करें और पूछें कि क्या आपको वापस बुलाया जा रहा है। , तो कंपनी से पुष्टि करें कि वापस आने पर कोई समस्या तो नहीं होगी। नए वीजा आवेदकों को फीस का ख्याल रखना होगा—अगर आप अमेरिका जाना चाहते हैं, तो वित्तीय योजना बनाएं।

Read More:- टाटा की गाड़ियां ₹1.55 लाख तक सस्ती, GST दरों में बदलाव का असर Watch: Bhopal Anganwadi की बदहाल हालत - बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर बड़ा संकट | Nation Mirror रिपोर्ट

संबंधित सामग्री

एमपी में बारिश का दौर जारी, 50 जिलों में अलर्ट; खरगोन में आकाशीय बिजली से 2 की मौत, बैतूल में नदी में बहे दो लोगों के शव

राज्य

एमपी में बारिश का दौर जारी, 50 जिलों में अलर्ट; खरगोन में आकाशीय बिजली से 2 की मौत, बैतूल में नदी में बहे दो लोगों के शव

मध्य प्रदेश में मानसून जोरों पर है, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट और हादसों की खबरें सामने आई हैं। खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।

पंजाब में हर खेल की होगी लीग, खेलों के लिए 1790 करोड़ का बजट: सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान

राज्य

पंजाब में हर खेल की होगी लीग, खेलों के लिए 1790 करोड़ का बजट: सीएम भगवंत मान का बड़ा ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेलों के विकास के लिए 1,790 करोड़ रुपये का बजट तय किया, जिससे प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किए माता के दर्शन, मांगी प्रदेश की खुशहाली और जनता का कल्याण

राज्य

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किए माता के दर्शन, मांगी प्रदेश की खुशहाली और जनता का कल्याण

मध्यप्रदेश के राजगढ़ में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूजा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश दिए।

क्या आप भी हर रोज खाते हैं ओट्स? तो पहले जान लिजिए इसके नुकसान

लाइफ स्टाइल

क्या आप भी हर रोज खाते हैं ओट्स? तो पहले जान लिजिए इसके नुकसान

ओट्स कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में यह नुकसान पहुंचा सकते हैं, जैसे कि सीलिएक रोग, एलर्जी, और डायबिटीज.

एशियन गेम्स 2026 के लिए इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम का हुआ ऐलान

खेल

एशियन गेम्स 2026 के लिए इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम का हुआ ऐलान

एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा हो गई है। हरमनप्रीत कौर को कप्तान और स्मृति मंधाना को उप-कप्तान बनाया गया है।