संसद में हंगामा, परीक्षा संशोधन बिल पर नहीं हो सकी चर्चा, SC बोला - पुलिस की बर्बरता गलत

भारतीय संसद में रुकावट

संसद में हंगामा, परीक्षा संशोधन बिल पर नहीं हो सकी चर्चा, SC बोला - पुलिस की बर्बरता गलत

लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा बार-बार स्थगित हो गई। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने कड़े कानूनों की घोषणा की।

 संसद में हंगामा परीक्षा संशोधन बिल पर नहीं हो सकी चर्चा sc बोला - पुलिस की बर्बरता गलत

संसद में हंगामा, परीक्षा संशोधन बिल पर नहीं हो सकी चर्चा |

विपक्ष के हंगामे की वजह से लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल पर दोपहर 2 बजे चर्चा नहीं हो पाई। कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में पहुंचे। छात्रों की पिटाई मामले पर बहस की मांग होने लगी। स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप चर्चा नहीं चाहते। इसके बाद 5 मिनट तक हंगामा हुआ। स्पीकर बिरला ने कहा कि मैं शाम 5 बजे तक का वक्त देता हूं। सरकार और विपक्षी सांसद सहमति बनाकर आएं।

परीक्षा संशोधन बिल पेश 

इससे पहले लोकसभा 12 बजे, 2 बजे फिर शाम 5 बजे तक स्थगित कर दी गई। ऐसा ही हाल राज्यसभा का भी रहा। सदन 2 बार स्थगित किया गया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में पेपर लीक से जुड़ा लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया था। उधर, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बाहर संसद पहुंचे। NDA सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन में लेकर गए। 

कानून को और सख्त बनाने का ऐलान

सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। बता दे प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार 2024 में बने कानून में बदलाव के लिए संशोधन बिल लेकर आई। इसमें पेपर लीक के आरोपियों के लिए और कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने यह संशोधन NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद लाया। PM मोदी ने 23 जुलाई को कानून को और सख्त बनाने का ऐलान किया था। बाद में इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की भी घोषणा हुई। 

‘पुलिस की बर्बरता गलत’

इधर, सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को हुए छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है, जिसे छीना नहीं जा सकता। केवल प्रदर्शन या आंदोलन होने के आधार पर पुलिस की बर्बरता को सही नहीं ठहराया जा सकता। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले होना उतनी ही चिंता की बात है और सरकार से इस पर जवाब मांगा जा सकता है। अब कोर्ट में मंगलवार को इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।

संबंधित सामग्री

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कहा - 2 हफ्ते में जांच रिपोर्ट दो

राज्य

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कहा - 2 हफ्ते में जांच रिपोर्ट दो

अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले में नई SIT का गठन, IG किरण S अध्यक्ष बनाए गए। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद तय की।

वैभव सूर्यवंशी बने सबसे यंगेस्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज, सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड टूटा

देश-विदेश

वैभव सूर्यवंशी बने सबसे यंगेस्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज, सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड टूटा

वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे T20 मैच में जिम्बाब्वे को हराते हुए इतिहास रचा, सबसे कम उम्र में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने।

तरुण चुघ को गृह मंत्रालय की संसदीय समिति में जगह, पंजाब के लिए अहम जिम्मेदारी

राज्य

तरुण चुघ को गृह मंत्रालय की संसदीय समिति में जगह, पंजाब के लिए अहम जिम्मेदारी

तरुण चुघ को गृह मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति का सदस्य नियुक्त किया गया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करेगी।

शोले के ‘गब्बर’ की पुण्यतिथि आज: अमजद खान ने बदल दी थी बॉलीवुड के विलेन की पहचान, आवाज सुनकर आज भी कांप उठते हैं लोग

मनोरंजन

शोले के ‘गब्बर’ की पुण्यतिथि आज: अमजद खान ने बदल दी थी बॉलीवुड के विलेन की पहचान, आवाज सुनकर आज भी कांप उठते हैं लोग

अमजद खान के निधन की 31वीं पुण्यतिथि पर, उनके अविस्मरणीय किरदार गब्बर सिंह को याद किया जा रहा है, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में विलेन की परिभाषा बदल दी।

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत, NDA सांसदों ने पहनाई पाग; इस्तीफे के बाद BJP ने दिया बड़ा संदेश

देश-विदेश

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत, NDA सांसदों ने पहनाई पाग; इस्तीफे के बाद BJP ने दिया बड़ा संदेश

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत हुआ, जिसे BJP की ओर से राजनीतिक समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।