अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। सांसद संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वे करीब 12 मिनट कमरे में रुके।
SIT को सौंपे सबूत
संजय सिंह ने कहा- राम मंदिर में जमीन घोटाले के 11 कागजात मैंने SIT को सौंपे हैं। उन्होंने कहा-एक-एक कर सब सामने आ रहा है। पैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम सबूत मिल चुके हैं। फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया? किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? कोई FIR अब तक क्यों दर्ज नहीं की गई। यह बेहद हैरान करने वाली बात है।
सोशल मीडिया पर झूठीन खबरें
दरअसल, सांसद संजय सिंह ने दावा किया था कि उनके पास अयोध्या में जमीन घोटाले से जुड़े सबूत हैं। इसके बाद SIT के प्रमुख कुमार विश्वास पंत ने उन्हें सबूत के साथ बुलाया था। उन्होंने बताया - सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मामले की जांच SIT कर रही है। SIT रिपोर्ट का इंतजार करें। इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
सबूत और गवाह
संजय सिंह ने बताया कि हमने 11 सबूत सौंप दिए हैं। हरीश-कुसुम पाठक से ट्रस्ट ने 4.97 करोड़ की जमीन 8 करोड़ में खरीदी थी। इसमें जो गवाह हैं, उनमें ऋषि कुमार उपाध्याय और अनिल मिश्रा हैं। अनिल मिश्रा ट्रस्ट के सदस्य हैं और ऋषि कुमार उस समय BJP के मेयर थे।
2021 में सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने जो जमीन हरीश-कुसुम पाठक से खरीदी, उसे 5 मिनट बाद ही साढ़े 18 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी। मजेदार बात यह है कि दोनों खरीद में अनिल और ऋषि कुमार उपाध्याय गवाह हैं।
41.60 लाख की जमीन 2 करोड़ में बेची गई। सांसद ने कहा- मैं ओरिजनल कागज लेकर आया हूं। इनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। SDM अयोध्या खुद लिखकर दे रहे हैं कि यह जमीन नजूल की जमीन है। तो कैसे इस जमीन को 24 करोड़ में खरीदा गया? यह तो सीधे ट्रस्ट के पैसों में चंदा चोरी की डकैती है।