जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण अमरनाथ यात्रा प्रभावित हो गई है। 19 जुलाई से यात्रा को रोक दिया गया है, जिसके चलते मध्य प्रदेश से पहुंचे 1000 से अधिक श्रद्धालु जम्मू से लेकर पहलगाम और बालटाल तक अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। यात्री अब मौसम साफ होने और यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
कई श्रद्धालुओं में निराशा बढ़ रही
मध्य प्रदेश के भोपाल से गए करीब 300 श्रद्धालु भी इस स्थिति के कारण जम्मू में रुके हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि खराब मौसम के कारण उन्हें अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा की अनुमति भी नहीं दी जा रही है। इससे कई श्रद्धालुओं में निराशा बढ़ रही है।
जत्थे भी यात्रा रुकने के कारण फंस गए
भोपाल के ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया कि उनके दो जत्थे फिलहाल जम्मू में रुके हुए हैं। इनमें करीब 300 यात्री भोपाल के हैं, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों से आए कई श्रद्धालु भी यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि 15 और 17 जुलाई को रवाना हुए जत्थे भी यात्रा रुकने के कारण फंस गए हैं।
यात्रियों के मुताबिक, मौसम खराब होने के चलते प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से यात्रा रोकी है। हालांकि, कई श्रद्धालुओं को जम्मू से वैष्णो देवी, शिवखोड़ी और अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने की अनुमति भी नहीं मिल रही है।
भोजन की व्यवस्था लंगर से की जा रही
यात्रियों ने बताया कि यात्रा रुकने के बाद जम्मू में भीड़ बढ़ गई है। होटल और होम स्टे संचालकों ने किराए बढ़ा दिए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री धर्मशालाओं और होम स्टे में रुके हैं, जबकि भोजन की व्यवस्था लंगर से की जा रही है।
उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया
सबसे बड़ी चिंता यात्रियों के लौटने के रिजर्वेशन को लेकर है। कई लोगों ने महीनों पहले ट्रेन और अन्य साधनों की बुकिंग कराई थी, लेकिन यात्रा में देरी के कारण अब उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है।
फिलहाल पहलगाम और बालटाल के शिविरों में भी कई यात्री रुके हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेना और प्रशासन की टीमें लगातार तैनात हैं। मौसम सुधरने के बाद ही अमरनाथ यात्रा दोबारा शुरू होने की संभावना है।