INDORE : यहां कैदी को थर्ड डिग्री नहीं, दी जा रही प्रोफेशनल्स डिग्री

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INDORE : यहां कैदी को थर्ड डिग्री नहीं, दी जा रही प्रोफेशनल्स डिग्री

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INDORE CENTRAL JAIL EDUCATION : जेल में बीबीए, एमबीए, रिहाई के बाद करेंगे अच्छी नौकरी

INDORE CENTRAL JAIL EDUCATION : क्राइम की दुनिया को छोड़ समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कैदियों को पढ़ाया लिखाया जा रहा है. इंदौर के केंद्रीय जेल में बंद कैदी जेल में शिक्षा हासिल कर रहे हैं. कैदियों को शिक्षा हासिल करने में जेल प्रशासन पूरी मदद कर रही है. अब तक कई कैदी ग्रेजुएशन और पोस्ट गेजुएशन की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं.

इग्नू से प्रोफेशनल कोर्स कर रहे बंदी

इंदौर के केंद्रीय जेल में बंद कैदियों को तिहाड़ जेल की तरह शिक्षित किया जा रहा है. जिसके चलते इग्नू के माध्यम से प्रोफेशनल कोर्स बंदियों को करवाए जा रहे हैं. जिसमें से कुछ बंदी एमबीए, बीबीए सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स भी कर रहे हैं. इसको लेकर इंदौर के जेल प्रबंधन ने अंदर ही एक स्कूल भी बनाया गया है, जहां पर बंदी नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं.

बीबीए, एमबीए कर रहे कैदी

इंदौर की सेंट्रल जेल में तकरीबन 2300 से अधिक कैदी हैं, जिनमें से कई बंदी ग्रेजुएट हैं. वह आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, जिसके चलते इंदौर के सेंट्रल जेल प्रबंधन ने ऐसे कैदियों को चिन्हित किया है, जो आगे पढ़ाई करना चाहते हैं. इग्नू मुख्य रूप से इंदौर के सेंट्रल जेल में बंद कैदियों को बीबीए, एमबीए सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स करवा रहा है.

रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई

इंदौर सेंट्रल जेल में बंद जो भी कैदी इस तरह के कोर्स कर रहे हैं. उन्हें किसी तरह की कोई समस्या का सामना न करना पड़े. इसके लिए इग्नू उन्हें पढ़ाई से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध करवा रहा है. इसके अलावा 2 टीचर भी सेंट्रल जेल के अंदर ही जाकर कैदियों को पढ़ा रहे हैं. कैदियों की पढ़ाई के लिए सेंट्रल जेल प्रबंधन ने जेल परिसर के अंदर एक स्कूल भी बनाया है, जहां पर कैदी 5 से 6 घंटे पढ़ाई कर रहे हैं.

बंदियों ने भरे फार्म

जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि "सेंट्रल जेल के कई कैदी 10वीं और 12वीं के साथ ग्रेजुएशन से संबंधित कोर्सों भी इग्नू और राज्य ओपन स्कूल के माध्यम से कर रहे हैं. इन कैदियों के जेल प्रबंधन द्वारा द्वारा फार्म भरवाया जा रहे हैं. सेंट्रल जेल प्रबंधन का ऐसा मानना है कि जब कैदी अपनी सजा पूरी कर बाहर निकलें तो वह शिक्षित होकर निकलें और खुद अपना रोजगार चुन सके, इसलिए कैदियों को इस तरह के कोर्स जेल के अंदर करवाए जा रहे हैं."

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